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दुर्लभ प्रजाति की यह हल्दी वाकई में है गुणों का भंडार, तंत्र विद्या के साथ इन चीजों में भी होता है इसका उपयोग

दुर्लभ यह हल्दी अंदर से हल्के काले रंग की होती है। काली हल्दी के कई सारे उपयोग है।
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Nov 25, 2018
काली हल्दी
दुर्लभ प्रजाति की यह हल्दी वाकई में है गुणों का भंडार, तंत्र विद्या के साथ इन चीजों में भी होता है इसका उपयोग

नई दिल्ली। पीले रंग की हल्दी तो हम सभी के घरों में मिल जाती है, लेकिन क्या आपने कभी काली हल्दी के बारे में सुना या इसे देखा है? काली हल्दी बहुत कम ही देखने को मिलती है। इसे पीली हल्दी से कही ज्यादा फायदेमंद माना जाता है। दुर्लभ यह हल्दी अंदर से हल्के काले रंग की होती है। काली हल्दी के कई सारे उपयोग है। एंटीबायोटिक के रूप में काम आने वाली इस हल्दी का प्रयोग विभिन्न रोगों के उपचार में किया जाता है। इसकी साखें कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद करती है।

ऐसा कहा जाता है कि काली हल्दी से जुड़े टोटके जल्दी खाली नहीं जाते हैं। इसीलिए तंत्रशास्त्र में इसका विशेष महत्व है। वशीकरण, धन प्राप्ति अन्य तांत्रिक कार्यो में इसका उपयोग किया जाता है।

जब किसी बच्चे को नजर लग जाती है तो किसी काले रंग के कपड़े में इस हल्दी को बांधकर 7 बार बच्चे के सिर के ऊपर से उतारें और इसके बाद बहते हुए जल में प्रवाहित कर देने से नजर उतर जाती है।

ये तो रही बच्चे की बात अब अगर परिवार में कोई व्यक्ति अकसर बीमार रहता है, तो गुरुवार को आटे के दो पेड़े बनाकर उसमें गीली चने की दाल के साथ गुड़ और थोड़ी सी पिसी काली हल्दी को दबाकर रोगी व्यक्ति के ऊपर से 7 बार उतार कर इसे किसी गाय को खिला दें। लगातार तीन गुरुवार तक इस उपाय को करने से इस परेशानी से मुक्ति मिलती है।

यदि किसी व्यक्ति को बार-बार मिर्गी का दौरा आता है तो ऐसे में काली हल्दी को पहले किसी कटोरी में रखें तत्पश्चात लोहबान की धूप दिखाकर उसे शुद्ध करें।इसके बाद एक टुकड़े में छेद कर धागे की मदद से उसके गले में पहना दें और नियमित रूप से कटोरी की थोड़ी सी हल्दी का चूर्ण ताजे पानी से सेवन कराते रहें इससे बहुत लाभ मिलता है।

तंत्र विद्या के साथ ही काली में और भी कई गुणकारी तत्व पाए जाते हैं जिसके सेवन से कई रोगों के उपचार में सहायता मिलती है।पश्चिम बंगाल, मध्यप्रदेश, ओडिशा, उत्तर-पूर्व और उत्तरप्रदेश में उगाए जाने वाले इस हल्दी में इबुप्रोफेन पाया जाता है जिससे पुराने ऑस्टियोआर्थराइटिस का दर्द ठीक किया जा सकता है। खुजली, पेट की समस्या, अल्सर, कोलन कैंसर से बचाव, फेफड़े की बीमारियों से भी यह काफी बचाव करती है।

ऐसा जरूरी नहीं है कि हर किसी को तंत्र विद्या में यकीन हों जिन्हें इन सब बातों पर विश्वास नहीं है वे औषधीय रूप में इसका उपयोग कर सकते हैं क्योंकि वास्तव में ब्लैक हल्दी गुणों का भंडार है।

Published on:
25 Nov 2018 03:07 pm
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