
नई दिल्ली। डॉक्टरों की लापरवाही की खबरें अक्सर आती रहती हैं। मगर तेलंगाना (telangana) के नागरकुरनूल जिले के अछमपेट अस्पताल में चिकित्सकों की बड़ी गलती के चलते एक मासूम की जान चली गई। दरअसल डॉक्टर महिला की नॉर्मल डिलीवरी कराने गए थे। मगर तभी मामला बिगड़ता देख उन्होंने मरीज को दूसरे अस्पताल रेफर कर दिया। वहां जांच में हुए खुलासे ने सबसे होश उड़ा दिए। दरअसल दूसरे अस्पताल में पता चला कि बच्चे (new born die) का सिर कटकर अलग हो चुका है, जबकि उसका धड़ तब भी मां के शरीर में मौजूद था।
परिजनों के मुताबिक नागरकुरनूल जिले के नादिमपल्ली गांव के 23 वर्षीय स्वाति गर्भवती थी। उसे 18 दिसंबर को अछमपेट अस्पताल में भर्ती कराया गया था। यहां डॉक्टर उसकी नॉर्मल डिलीवरी (normal delhivery) करने वाले थे। मगर आखरी वक्त में उन्होंने महिला को हैदराबाद के पेटलाबुर्ज मैटरनिटी अस्पताल में रेफर कर दिया।
महिला ने बताया कि उसे अछमपेट अस्पताल में एक इंजेक्शन लगाया गया था। उसकी नॉर्मल डिलीवरी नहीं कराई गई। मगर हालत बिगड़ने पर उसे वहां से रेफर किया गया था। बाद में पेटलाबुर्ज अस्पताल के डॉक्टरों ने दोबारा सर्जरी करके बच्चे का धड़ महिला के पेट से बाहर निकाला। मासूम की जान जाने के विरोध में महिला एवं उसके घरवालों ने अस्पताल में हंगामा किया। साथ ही आलाधिकारियों से शिकायत की। मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी डॉक्टर को सस्पेंड कर दिया गया है।