आयोवा स्टेट यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने चाय के बाई प्रोडक्ट सेलुलोज फाइबर की मदद से चादर तैयार की है। इससे कपड़े, जूते और हैंड बैग बनाए जा सकते हैं। फैशन क्षेत्र के लिए ऐसे प्रयोग का ये पहला मौका है।
आयोवा स्टेट यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने चाय के बाई प्रोडक्ट से चमड़े जैसी लगने वाली चादर तैयार की है। इससे कपड़े, जूते और हैंड बैग बनाए जा सकते हैं। इसकी बड़ी खूबी है कि यह जैविक रूप से स्वतः विघटित होने वाली (बायोडिग्रेडेबल) चादर है। इसलिए यह पर्यावरण की दृष्टि से भी सुरक्षित है।
वैज्ञानिकों ने चाय के बाई प्रोडक्ट सेलुलोज फाइबर की मदद से यह चादर तैयार की है। सहायक प्रोफेसर यंग-ए ली ने बताया कि इस चादर को बैक्टीरिया और यीस्ट की मदद से बनाया गया है। यह सूखने के बाद चमड़े जैसी लगती है।
उन्होंने कहा कि इस बाई प्रोडक्ट का इस्तेमाल कॉस्मेटिक, खाद्य और बायोमेडिकल क्षेत्र में पहले भी किया जा चुका है। फैशन क्षेत्र के लिए इसके प्रयोग का पहला मौका है।