
कहते हैं देने वाला जब भी देता है छप्पड़ फाड़ कर देता है। इंसान के किस्मत को बदलने में देर नहीं लगती। वक्त अच्छा हो तो पत्थर भी सोना बन जाता है।
अब आप इस शख्स को ही ले लीजिए जिसकी किस्मत रातोंरात ऐसी पल्टी कि देखते ही देखते वो करोड़पति बन गया। ये बात है फिलीपींस के पवाना आइलैंड के मछुआरे की।
अपनी रोजमर्रा की जिंदगी को चलाने के लिए ये मछुआरा रोज मछली पकड़ने के लिए समंदर में जाता था। एकदिन मछली पकड़ने के दौरान वो समुद्री तूफान में फंस गया। खूद को उस तूफान से बचाने के लिए मछुआरे ने एक पत्थर का सहारा लिया और तूफान के जाने का इंतजार करने लगा।
थोड़ी देर बाद जब तूफान थम गई तो उसकी जान बचाने के लिए वो उस पत्थर को अपना लकी चार्म मानने लगा और उसे अपने साथ अपने घर ले आया। घर आकर उसने इस पत्थर को एक मामूली पत्थ्र समझकर पलंग के नीचे रख दिया। लेकिन किस्मत को शायद उस पत्थर का पलंग के नीचे बेकार पड़े रहना रास नहीं आया। एकदिन मछुआरे के घर पर आग लगी। उस दौरान एक टूरिस्ट ऑफिसर एलीन सिंथिया मगैय की नजर पलंग के नीचे रखे इस पत्थर पर पड़ी। पत्थर को देखते ही वो समझ गया कि ये कोई साधारण पत्थर नहीं है।
एलीन ने बिना देर किए तुरंत ये बात मछुआरे को बताई। एलिन ने मछुआरे को बताया कि ये कोई साधारण पत्थर नहीं है बल्कि ये एक विशालकाय मोती है जिसकी बाजार में कीमत करीब 6 अरब 53 करोड़ रुपए आंकी गई। बता दें इस मोती का वजन 34 किलोग्राम है। देखते ही देखते गरीब मछुआरे की किस्मत बदल गई और वो सड़क से महल पर आ गया।
शायद इसी वजह से कहा जाता है कि कभी भी किसी को छोटा नहीं समझना चाहिए या किसी के साथ भेदभाव की नीति नहीं अपनानी चाहिए क्योंकि किस्मत बदलते देर नहीं लगती। इंसान का भाग्य उसे राजा से रंक और रंक से राजा बनाने की क्षमता रखता है।