कई देशों में कोरोना वायरस के कारण टॉयलेट पेपर और टिशू पेपर का संकट गहरा गया है। वहीं भारत में हैंड सैनिटाइजर ( Hand Sanitizer ) की डिमांड इतनी बढ़ी कि सैनिटाइजर की कालाबाजारी होने लगी।
नई दिल्ली। कोरोना वायरस ( Coronavirus ) दुनिया के ज्यादातर देशों में अपने पैर पसार चुका है। दुनियाभर के 1 लाख से ज्यादा लोगों इस खतरनाक वायरस ( Virus ) की चपेट में आ चुके हैं। वहीं 4 हजार से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। इसके कारण बाजार में पिछल दिनों हैंड सैनिटाइजर की जबरदस्त डिमांड बढ़ी।
भारत में तो आलम ये है कि दुकानदारों ने हैंड सैनिटाइजर ( Hand Sanitizer ) को अपने मनमाफिक दाम पर बेचा। इस बीच बाजार में Cowpathy नाम का एक ब्रांड है, जो गोमूत्र से बना हैंड सैनिटाइजर बेच रहा है। इसे अमेजन के जरिए ऑनलाइन खरीदा जा सकता है।
Cowpathy कम्पनी ने इसे वेगन प्रोडक्ट के रूप में मार्किट में लॉन्च किया है। इस सैनिटाइजर ( Sanitizer ) को अल्कोहल फ्री प्रोसेस से बनाया गया है। हैंड सैनिटाइजर में गायों के डिस्टिल्ड गौ मूत्र, खूशबूदार तेल और गंगाजल का इस्तेमाल किया गया है।
कम्पनी के दावे के मुताबिक यह गौ मूत्र की तरह नहीं महकेगा। इसके साथ ही कस्टमर इस सैनिटाइजर को दो फ्लेवर में खरीद सकते है। हालांकि यह प्रोडक्ट साल 2018 से बिक रहा है। लेकिन कोरोना वायरस के बाद जब सैनिटाइजर की डिमांड बढ़ी, तो किसी ने इसका स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर शेयर किया। जिसके बाद से यह चर्चा का विषय बन चुका है।
आपको बता दें कि यह सैनिटाइजर कितना कारगर है इसका कोई पुख्ता प्रमाण मौजूद नहीं। एक मेडिकल ब्लॉग के मुताबिक हाथ में मौजूद कीटाणुओं का पूरी तरह सफाया करने के लिए किसी भी सैनिटाइजर में कम से कम 60 प्रतिशत अल्कोहल की मात्रा जरूर होनी चाहिए।