जरात में सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल का यह पहला मामला नहीं है। यहां हिंदू-मुस्लिम एकता की खबरें सामने अाती रहती हैं।
नई दिल्ली: गुजरात में एक ऐसा इलाका है जहां निकाह में कई हिंदू रीति—रिवाजों को फॉलो किया जाता है। इसमें गणेश पूजा, गाय पूजा भी शामिल है। इसी तरह बीते दिनों एक मुस्लिम शादी की शुरुआत गणेश पूजा से हुई। बता दें, गुजरात में सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल का यह पहला मामला नहीं है। यहां हिंदू-मुस्लिम एकता की खबरें सामने अाती रहती हैं।
हिंदू परिवार ने की मुस्लिम बेटी की परवरिश
दरअसल, गुजरात के वेरावल में शबनम का निकाह उसे पालने वाले हिंदू परिवार ने अब्बास से करवाया। निकाह से पहले गणेश वंदना हुई। बताया जाता है कि शबनम को उसके पिता ने हिंदू परिवार को सौंप दिया था। 20 साल के होने पर मेरामन जोरा के हिंदू परिवार ने उसकी शादी अब्बास नाम के युवक से करवा दी। जोरा के मुताबिक, शबनम रोज नमाज पढ़ती है, लेकिन हिंदू त्योहारों को भी उसी शिद्दत और उत्साह से मनाती है।
मल्धारी मुस्लिम समुदाय करता है हिंदू रीति-रिवाज का पालन
गुजरात के कच्छ का रण के बन्नी इलाके में रहने वाला मल्धारी मुस्लिम समुदाय इस तरह के हिंदू रीति रिवाजों का पालन करता है। दरअसल, पशु पालने वाला ये समुदाय बंटवारे के समय पाकिस्तान के सिंध इलाके से आकर बसा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस समुदाय पर एक रिसर्च हुई, जिसके बाद यह बात निकलकर आई कि इनकी शादियों में हिंदू रीति रिवाज आम हैं। 18 हजार से ज्यादा जनसंख्या वाले बन्नी इलाके में हिंदू मुस्लिम मिलकर सारे त्योहार भी मनाते हैं। बन्नी या पिरांजा पट नाम से जाने जाने वाले इस इलाके में शादी समारोह में गणेश पूजा के अलावा हल्दी और मंडप जैसी हिंदू रीति रिवाज भी होते हैं। बता दें, गुजरात में इससे पहले भी सांप्रदायिक सौहार्द के कइर् मामले सामने आ चुके हैं। यहां कइर् समुदाय एेसे हैं, जो आपस में मिल-जुलकर रहते हैं।