इस डरावने आइलैंड में 300 से भी ज्यादा की संख्या में जहाज दफन हो चुके हैं।
नई दिल्ली। सुकून के कुछ पल बिताने और दिमाग को शान्त रखने के लिए घूमने से बेहतर विकल्प और क्या हो सकता है। भीड़ भाड़ से दूर अपने साथ टाइम स्पेंड करने के लिए किसी द्वीप पर जाया जा सकता है। आइलैंड का नाम सुनते ही दिमाग में आते ही एक हरा-भरा और शान्तिपूर्ण वातावरण का दृश्य उभर कर आता है, लेकिन आज हम आपको एक ऐसे डरावने आइलैंड के बारे में बताने जा रहे हैं जहां 300 से भी ज्यादा की संख्या में जहाज दफन हो चुके हैं।
हम यहां सेबल आईलैंड की बात कर रहे हैं जो अटलांटिक महासागर में स्थित है। इस आइलैंड में जाने वाले लोगों के लिए यह किसी रहस्य से कम नहीं है। दरिया का कब्रिस्तान के नाम से मशहूर इस आइलैंड की लंबाई 42 किलोमीटर और चौड़ाई 1.5 किमी. है।
अटलाटिंक के इस कब्रिस्तान में घने कोहरे और समंदर की तरह दिखने वाले रेत की वजह से ही अधिकतर जहाज झांसे में आ जाते हैं।
आगे की ओर जैसे ही पूरी रफ्तार के साथ बढ़ते हैं तो दुर्घटनाग्रस्त हो जाते हैं। इस वजह से यहां आने वाले जहाज का बचकर निकलना नामुमकिन है।
सेबल आईलैंड को जंगली घोड़ों का घर भी कहा जाता है। नोवा स्कोटिया से लगभग 100 मील की दूरी पर स्थित है इस आईलैंड से खुद को बचाने के लिए अब जहाज इसकी समुद्री सीमा से दूर होकर गुजरते हैं। इसके साथ ही सेबल आइलैंड की एक और खासियत ये है कि यहां 300 से भी अधिक पक्षियों की प्रजाति आती हैं।