परीक्षा और इंटरव्यू की सारी प्रकिया होने के करीब एक महीने बाद जिला प्रशासन ने रिजल्ट की घोषणा की। जिसमें सिर्फ 31 युवा ही पास हो सके जबकि 219 युवा परीक्षा में फेल हो गए। इसके बाद पास हुए सभी युवाओं का पूरी धाम-धाम के साथ 15 अक्टूबर को महानगर के कल्याण मंडप में विवाह संपन्न हो गया।
नई दिल्ली। अभी तक परीक्षा और इंटरव्यू सिर्फ स्कूलों, कॉलेजों और प्रोफेशनल कोर्स में हुआ करती थी, लेकिन अब समय आ गया है कि दुल्हन पाने के लिए भी आपको परीक्षा देनी होगी। ऐसे में अगर आप परीक्षा में पास नहीं हुए तो आपका पति बनने का सपना अधूरा रह जाएगा और आपने अपनी सुहागरात के लिए जो भी अरमान सजा रखे हैं, वह अधूरे रह जाएंगे।
दरअसल, उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में दूल्हा बनने के लिए परीक्षा का आयोजन किया। जिसमें 250 युवकों ने आवेदन किया था। यह आवेदन लखनऊ के राजकीय पाश्चात्यवर्ती देखरेख संगठन में रहने वाली युवतियों से शादी के लिए मंगाए गए थे। इस दौरान परीक्षा और इंटरव्यू की सारी प्रकिया जिला प्रशासन की देखरेख में की गई।
सिर्फ 31 युवा शादी के योग्य
परीक्षा और इंटरव्यू की सारी प्रक्रिया होने के करीब एक महीने बाद जिला प्रशासन ने रिजल्ट की घोषणा की। जिसमें सिर्फ 31 युवा ही पास हो सके जबकि 219 युवा परीक्षा में फेल हो गए। इसके बाद पास हुए सभी युवाओं का पूरी धाम-धाम के साथ 15 अक्टूबर को महानगर के कल्याण मंडप में विवाह संपन्न हो गया।
प्रदेश भर से आती हैं शादी के आवेदन
बता दें कि इन शादियों में नवदंपत्तियों को दहेज में 20-20 हजार रुपये का चेक और 10 हजार रुपये का घरेलू सामान दिया गया। साथ ही पांच हजार रूपये शादी समारोह में खर्च किया गया। खास बात यह है कि राजकीय पाश्चात्यवर्ती देखरेख संगठन में 18 वर्ष से ऊपर वाली प्रदेश भर की सभी बेसहारा युवतियों को रखा जाता है। जिनकी शादी के लिए प्रदेश भर के युवा आवेदन करते हैं।
इस तरह से होता है युवाओं का चयन
जिला प्रशासन के माध्यम से महिला कल्याण विभाग शादी के लिए युवाओं से फोटोयुक्त आवेदन मंगाता है। जिसके बाद आवेदन की जांच की जाती है। जांच के बाद विभाग इंटरव्यू लेता है। इंटरव्यू में सलेक्ट हुए युवाओं के परिजनों और लड़की की सहमति के बाद ही विवाह का निर्णय लिया जाता है।