
नई दिल्ली।मोबाइल फोन ( mobile phone ) आज के समय मे लोगों की जिंदगी का अभिन्न अंग बन गया है। हर उम्र वर्ग के लोगों को मोबाइल फोन पर सोशल नेटवर्किंग साइट में व्यस्त देखा जा सकता है। ऐसा लगता है कि मोबाइल फोन का इस्तेमाल आज के समय के युवाओं के लिए हर चीज़ से अधिक महत्वपूर्ण है। लेकिन आज हम आपको एक ऐसे मामले के बारे में जानकारी देने जा रहे हैं जहां 18 साल की उम्र से कम के युवाओं ( Youth ) के लिए मोबाइल के इस्तेमाल पर बैन कर दिया गया है।
गुजरात ( Gujarat ) के मेहसाणा ( Mehsana ) का यह मामला है जहां गांव की पंचायत ने 18 साल से कम उम्र के किशोरों के लिए मोबाइल का इस्तेमाल करने पर बैन लगा दिया है। किशोरों के लिए मोबाइल फोन के बैन का फैसला गांव के सरपंच ने किया है जिससे बच्चों के अभिभावक भी खुश हैं। अभिभावको ने पंचायत के इस फैलसे की तारीफ भी की है। मामले पर गांव की सरपंच अंजना पटेल ( Anjana Patel ) का कहना था कि गांव में कई ऐसे मामले हुए जिसका कारण मोबाइल का इस्तेमाल था। ऐसे में इसपर बैन लगाने का फैसला किया गया है।
मोबाइल फोन पर बैन लगाने के लिए गांव में पंचायत बुलाई गई जिसमें सरपंच अंजना पटेल ने यह फैसला लिया है। मोबाइल फोन पर बैन के बाद गांव के बच्चों का कहना है कि वे पहले तो काफी परेशान हुए लेकिन अब उन्हें बिना मोबाइल के अच्छा लग रहा है। बच्चों का कहना है कि मोबाइल के इस्तेमाल में जो समय बर्बाद होता था उस समय में वे अब अपनी पढ़ाई पर ध्यान लगाते हैं। साथ ही खाली समय में एक दूसरे से मिलते हैं जो पहले मोबाइल में व्यस्त रहने की वजह से नहीं हो पाता था।