अमेरिका में एक ऐसा घर है जहां आज तक छह घंटे से अधिक समय तक कोई नहीं टिक सका।
नई दिल्ली: अमेरिका में एक ऐसा घर है जहां आज तक छह घंटे से अधिक समय तक कोई नहीं टिक सका। इस घर में कदम रखते ही लोगों के साथ ऐसा सलूक होता है, जिसे देखकर किसी भी रुह कांप जाए। हालांकि, इसके बाद भी लोग यहां आने के लिए उतावले रहते हैं। यही नहीं लोग यहां आने के लिए अच्छे-खासे पैसे भी चुकाते हैं।
करोड़ों रुपए खर्च कर बनाया गया है टाॅर्चर हाउस
दरअसल, अमेरिका के कैलिफोर्निया में मैकेमी मैनर नाम का एक घर है। इसे आप टॉर्चर हाउस या हॉन्टेड हाउस भी समझ सकते हैं। इस घर को ऐसा हॉन्टेड बनाने के लिए करोड़ों रुपए खर्च किए हैं। यहां आने के लिए लोगों की लंबी लाइन लगी रहती है। घर में कदम रखते ही उन्हें टॉर्चर किया जाता है। तरह-तरह की यातनाएं सहनी होती हैं। लोगों को जानवरों से कटवाया जाता है। लोगों को बेल्ट से बांधकर चूहा, सांप और कई जहरीले जानवरों के बीच छोड़ दिया जाता है। यही नहीं बुरी तरह से पीटा जाता है। खतरनाक मकड़ियां भी होती हैं।
चूहे आैर सांपों के बीच छोड़ दिया जाता है
बता दें, लोग इतना सब खुद करवाने आते हैं। वह इस दर्द के लिए खुद ही पैसे भी देते हैं। चूहे और सांपों के बीच छोड़ा जाता है। इस घर में यहां आए लोगों को चूहे और सांपों के बीच छोड़ दिया जाता है। इतना ही नहीं, एक डब्बे में कर देते हैं बंदयातनाओं का दौर यहीं खत्म नहीं होता। यही नहीं इंसान को एक छोटे से डब्बे में भी बंद कर देते हैं। बताया जाता है कि 2008 में एक शख्स को घर के अंदर हार्ट अटैक ही आ गया था। हालांकि, उसकी जान बचा ली गई थी।
क्यों इतना दर्द सहने आते हैं लोग
जब लोगों से इस बारे में बात की गई कि आखिर वह खुद को टॉर्चर क्यों करवाते हैं। क्यों इतना दर्द सहते हैं। इस सवाल पर ज्यादातर लोगों का जवाब यही था कि वह अपने मनोवैज्ञानिक स्तर की जांच करने के लिए ऐसा करवाते हैं। लोगों का कहना था कि वह इस बात की जांच करना चाहते हैं कि वह बुरे से बुरे हालात में रह सकते हैं या नहीं। वह अपनी झमताओं को जांचने के लिए इस टॉर्चर हाउस में आते हैं।