अजब गजब

किसी को देखकर हम भी इस वजह से लेने लगते हैं उबासी, पूर्वजों से जुड़ा हुआ है सच

इस वीडियो को देखने के दौरान ज्यादातर लोगों ने एक से पंद्रह बार तक उबासी ली।
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Jan 07, 2019
Yawning
किसी को देखकर हम भी इस वजह से लेने लगते हैं उबासी, पूर्वजों से जुड़ा हुआ है सच

नई दिल्ली। अकसर आपने ऐसा देखा होगा कि किसी एक को जम्हाई या उबासी लेते हुए जब कोई दूसरा देख लेता है तब वह भी जम्हाई लेने लगता है। ज्यादातर लोगों का यह मानना है कि जब इंसान को नींद आती है तब वह जम्हाई लेता है। जबकि होता बिल्कुल इसके विपरीत है। जम्हाई हम उस वक्त लेते हैं जब दिमाग को एक्टिव करने के लिए बॉडी नींद को दूर करता है।

अब सवाल यह आता है कि क्या वाकई में जम्हाई छुआछूत है? क्यों किसी को उबासी लेते देख हम भी वैसा ही करने लगते हैं? बता दें साल 2013 में म्यूनिख में साइकियाट्रिक यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल ने इस बात का पता लगाने के लिए एक रिसर्च किया। इसके तहत करीब तीन सौ लोगों को शामिल किया गया और उन्हें ऐसा वीडियो दिखाया गया जिसमें लोग केवल जम्हाई ले रहे थे।

इस वीडियो को देखने के दौरान ज्यादातर लोगों ने एक से पंद्रह बार तक उबासी ली। वैज्ञानिकों ने पाया कि जब हम किसी को जम्हाई लेते देखते हैं तो ह्यूमन मिरर न्यूरॉन सिस्टम एक्टिवेट हो जाता है। यह विशेष तंत्रिकाओं का एक समूह होता है जो हमें दूसरों के व्यवहार को देख उसकी नकल करने के लिए हमें प्रेरित करता है।

इसके संक्रामक होने के पीछे एक और कारण है। दरअसल, प्राचीन जमाने में जब आदिवासी झूंड बनाकर रहते थे तो जब भी उन्हें खतरे का आभास होता था तो एक-दूसरे को सर्तक करने के लिए जम्हाई लेते थे। इससे आवाज भी नहीं होती थी और सभी सजग भी हो जाते थे। यानि कि एक तरह से यह इशारे का काम करता था।

मनोवैज्ञानिकों का तो यह भी कहना है कि किसी तरह की चिंता या सोच से गुजरने के बाद भी हम उबासियां लेते हैं।

Published on:
07 Jan 2019 12:49 pm