दुनिया में एक ऐसी जगह है, जहां पर शराब की बारिश होती है। अमेरिकी अंतर‍िक्ष एजेंसी NASA ने कुछ दिनों पहले ही इस जानकारी को दुनिया से साझा किया था। नासा ने बताया था कि इस ग्रह पर पानी और बर्फ की तरह ही शराब की बूंदें टपकती है।
इसरो का चंद्रयान सफलता के साथ चांद के दक्षिणी ध्रुव पर पहुंच चुका है। जहां प्रज्ञान रोवर ने कई चीजों की खोज कर डाली है। इसरो ने हाल ही में बताया कि चांद की सतह पर एल्युमिनियम, सल्फर, आयरन, क्रोमिशियम, टाइटेनियम, मैगनीज, सिलिकॉन और ऑक्सीजन को खोज निकाला है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि दुनिया में एक ऐसी जगह है, जहां पर शराब की बारिश होती है। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी NASA ने कुछ दिनों पहले ही इस जानकारी को दुनिया से साझा किया था।
नासा ने बताया था कि इस ग्रह पर पानी और बर्फ की तरह ही शराब की बूंदें टपकती है। जिसकी वजह से पूरे ग्रह पर हर जगह सिर्फ शराब की बारिश होती है। दरअसल, इस ग्रह पर अल्कोहल सूक्ष्म आणविक रूप में मौजूद है, जिसे साइंस की भाषा में प्रोपेनॉल अणु कहते हैं। हालांकि यह पीने के लिए सही नहीं है। वैसे तो यह धरती से इतनी ज्यादा दूर है कि कोई अगर सोचे भी तो लाने की कल्पना नहीं कर सकता।
आपको बता दें कि यह क्षेत्र हमारी आकाशगंगा के केंद्र के बेहद करीब है, जहां सितारे पैदा होते हैं। इस क्षेत्र का नाम सैगिटेरियस B2 बताया गया है। नासा के मुताबिक, जहां पर यह जगह है, वहीं हमारी आकाशगंगा में एक बड़ा ब्लैकहोल है। धरती से इसकी दूरी तकरीबन 170 प्रकाश-वर्ष है। अटाकामा लार्ज मिलिमीटर/सबमिलिमीटर एरे टेलीस्कोप ने साल 2016 में इस जगह की खोज की थी। तब से अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी इस पर करीबी नजर बनाए हुए है।
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एक समय पर चीन के वैज्ञानिकों ने इस क्षेत्र पर रिसर्च की थी। उसके मुताबिक, सैगिटेरियस बी2 गैस और धूल का एक विशाल आणविक बादल है, जिसका द्रव्यमान करीब तीन मिलियन है। यह काफी लंबा है। जैसे कि इसे ऐसे समझ सकते हैं कि यह 150 प्रकाश वर्ष तक फैला हुआ है। यहां इथेनॉल और मेथनॉल जैसे अल्कोहल मिलना अनोखी बात है।
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