इसे अंधविश्वास कहें या कुछ और, लेकिन आज भी अगर रात में कुत्ता रोता है तो लोग उसे दूर भगा देते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि हिन्दू धर्म के अनुसार रात में कुत्तों का रोना अशुभ होता है।
नई दिल्ली: इसे अंधविश्वास कहें या कुछ और, लेकिन आज भी अगर रात में कुत्ता रोता है तो लोग उसे दूर भगा देते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि हिन्दू धर्म के अनुसार रात में कुत्तों का रोना अशुभ होता है। लेकिन, क्या कभी आपने सोचा है कि कुत्तों के रोनें को क्यों अशुभ माना जाता है। तो आइए जानते हैं इसका कारण।
आत्मा को देखते ही रोने लगते हैं कुत्ते
इसको लेकर ज्योतिषों का कहना है कि कुत्ते सबसे ज्यादा तब रोते हैं जब उनके आसपास कोई आत्मा होती है या फिर उन्हें कोई आत्मा दिखाई देती है। ज्योतिषों का ये भी कहना है कि जब भी कुत्ते रोते हैं तो इसका मतलब होता है कि वह किसी को संदेश दे रहे हैं और यह अपने साथियों का संदेश देते है कि वह भी सचेत हो जाए, क्योंकि उनको एक आत्मा दिखाई दे रही है। वहीं, वैज्ञानिकों की मानें तो जब भी कुत्ता अकेला होता है तो वह जोर—जोर से रोने लगता है, ताकि दूसरे कुत्ते उसकी आवाज सुनकर वह भी रोने लगते है जिससे उन्हें लगता है कि वह अकेले नहीं है दूससे कुत्ते भी उनके पास हैं। दूसरी ओर कई जानकारों का कहना है कि कुत्ते ऐसा करके अपनी लोकेशन दूसरे कुत्तो को बताते हैं।