अंधविश्वास, तंत्र साधना, वशीकरण के लिए आज भी उल्लुओं की बलि का सिलसिला बदसतूर जारी है।
नई दिल्ली: अंधविश्वास, तंत्र साधना, वशीकरण के लिए आज भी उल्लुओं की बलि का सिलसिला बदसतूर जारी है। खास तौर से दिवाली की रात उल्लुओं के साथ ये क्रूरता की जाती है। इस दिवाली पर भी एक शख्स ने अंधविश्वास में एक उल्लू की बलि दी। इसके अगले दिन ही उसके पिता की मौत हो गई, लेकिन उसने अपना काम जारी रखा। जब उससे उल्लू की बलि का कारण पूछा गया तो उसने एेसा जवाब दिया, जिसे सुनकर सब चौंक गए।
महिला को वश में करना चाहता था
कन्हैया लाल ने बताया, ''मैं एक महिला से प्यार करता हूं, उसे वश में करने के लिए तंत्र-मंत्र कर रहा था। मैंने 15 दिन पहले उल्लू को अपने जीजा से मंगवाया था। बलि देने के बाद उसके पैर को काट दिया था।'' बता दें, पड़ोसियों को कन्हैया की हरकतों पर शक हुआ था, जिसके बाद उन्होंने पुलिस को सूचना दी। बीते रविवार को पुलिस ने घर में कूलर के अंदर से मरे हुए उल्लू को बरामद कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
काफी दिन से तंत्र-मंत्र कर रहा था कन्हैया
पुलिस ने मामले की जांच की तो पता चला कि कन्हैया इलाके में काफी दिन से तंत्र-मंत्र करता है। यही नहीं आसपास की महिलाएं उससे अपनी समस्या का समाधान करवाने आती हैं।
जीजा के कहने पर दी उल्लू की बलि
पुलिस ने बताया कि कन्हैया शादीशुदा है और उसके तीन बच्चे भी हैं। उसके जीजा ने उसे दिवाली की रात उल्लू की बलि देकर तंत्र क्रिया से स्त्री को वश में करने और धनवान मिलने की बात कही थी।