पिता की उम्र उसके खुद के बेटे से कम है। जैसे ही इस बात की जानकारी आम लोगों को हुईं तो लोगों ने इसको लेकर तरह-तरह की बातें शुरू कर दी।
नई दिल्ली। दुनिया भर में आए दिन अगल-अलग कारनामें देखने और सुनने के लिए मिलते हैं। इनमें से कुछ कारनामें लोग अपने फायदे के लिए करते हैं, तो कहीं यह न चाहते हुए भी अपने आप ही ऐसे कारनामें हो जाते हैं। ऐसा ही एक कारनामा बिहार के विजयीपुर थाना क्षेत्र के मिश्र अधौला गांव में सामने आया है, जहां एक पिता की उम्र उसके खुद के बेटे से कम है। जैसे ही इस बात की जानकारी आम लोगों को हुईं तो लोगों ने इसको लेकर तरह-तरह की बातें शुरू कर दी।
इस बात की जानकारी तब हुई जब एक पिता ने चौकीदार की नौकरी के लिए अपना आवेदन किया, लेकिन जब बात नहीं बनी तो उसने उसी नौकरी के लिए अपने बेटे का आवेदन करवा दिया। आवेदन की जांच में पता चला कि पुत्र ने पिता से एक साल पहले ही 2016 में हाईस्कूल की परीक्षा दी थी, जबकि उसके पिता ने 2017 में परीक्षा दी है।
जब इस बात की जानकारी नौकरी के दावेदार भाइयों को हुई तो उन्होंने भी विरोध शुरू कर किया और खुद को नौकरी का दावेदार बताने लगे। बात इतनी बढ़ गई कि मामला पुलिस से होते हुए न्यायालय तक पहुंच गया। मिली जानकारी के अनुसार मिश्र अधौला गांव निवासी रामाज्ञा गोंड विजयीपुर थाना में चौकीदार के पद पर तैनात थे। इसी बीच उनका निधन हो गया।
पिता के निधन के बाद पुत्रों में नौकरी को लेकर विवाद शुरू हो गया और इन बेटों में से एक रमेश गोंड ने अपनी उम्र घटा कर उत्तर प्रदेश बोर्ड से साल 2017 में हाईस्कूल की परीक्षा दी। जिसमें इनकी उम्र 10 जुलाई 2001 दर्ज है। लेकिन बात खुलने के भय से रमेश गोंड ने अपनी जगह अपने पुत्र सोनू कुमार गोंड के नाम से अनुकंपा पर नौकरी पाने के लिए आवेदन करा दिया। इस आवेदन में पुत्र की उम्र 13 सितंबर 1998 दर्ज है। इस हिसाब से पिता की उम्र अपने बेटे से करीब तीन साल कम है।