
नई दिल्ली। बम का नाम सुनते ही दिलों में दहशत छा जाती है। ऐसे में अगर पता चले कि युद्ध के समय इस्तेमाल हुए बम आज भी जिंदा (live bomb) हालत में मौजूद हैं। तो जाहिर-सी बात है कि आप सक्ते में पड़ जाएंगे। ऐसे ही जिंदा बमों का जखीरा एशियाई देश लाओस में मौजूद है। मगर हैरानी की बात यह है कि यहां पर बम पत्थरों के बने मटकों (Plain of Jars) में मौजूद है। वैज्ञानिकों के लिए ये घड़े रहस्यों से भरे हुए हैं।
बताया जाता है कि लाओस के शियांगखुआंग प्रांत में 90 से अधिक ऐसी जगहें हैं, जहां 400 से अधिक पत्थर के जार यानी मटके मौजूद हैं। इन मटकों की ऊंचाई एक से तीन मीटर तक है। 1964 से 1973 के बीच वियतनाम (Viyatnam) युद्ध के दौरान अमेरिकी वायु सेना ने शियांगखुआंग प्रांत में 26 करोड़ से अधिक क्लस्टर बम गिराए थे। इनमें से कई बम ऐसे थे जो फटे नहीं, वहीं बम आज भी जिंदा अवस्था में मौजूद हैं।
पुरातत्व वैज्ञानिकों (scientists) के मुताबिक रहस्यमय पत्थर के बने मटके लौह युग के हैं। हालांकि उस समय ये क्यों बनाए गए थे, इसका रहस्य आज तक कोई जान नहीं सका है। हालांकि कुछ वैज्ञानिकों का मानना है कि शायद इनका इस्तेमाल अंतिम संस्कार के वक्त अस्थि कलश के तौर पर किया जाता होगा। मटकों को अनोखा और रहस्यमयी पाए जाने पर इस जगह को यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थल में स्थान दिया गया है। लाओस के इस जगह को 'प्लेन ऑफ जार' यानी 'जार का मैदान' भी कहते हैं।