
नई दिल्ली: इंटरनेट के इस आधुनिक युग में खाने—पीने, रहने ओर सोने से लेकर हर छोटी—बड़ी चीज इंसान सोशल मीडिया शेयर करता है। फेसबुक, ट्वीटर, इंटाग्राम पर लाखों—करोड़ों यूजर्स रूटीन रूप से एक्टिव हैं। लेकिन, क्या आपने सुना है कि सोशल मीडिया के चक्कर में किसी की नौकरी चली गई हो, वो भी बस फोटो अपलोड करने पर।
स्कूल ने कहा- टीचर ने टीचिंग पेशे को अपमानित किया
दरअसल, जो फोटो उन्होंने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर शेयर की थी, उसमें वह स्विम सूट पहने हुई थीं। इस फोटो की वजह से उन्हें नौकरी से निकाल दिया गया है। रूस की मीडिया के मुताबिक, स्कूल ने लिखा है कि ऐसा करके विक्टोरिया ने स्कूल और टीचिंग के पेशे को अपमानित किया है।
टीचर के सपोर्ट में आए लोग
विक्टोरिया को स्कूल से निकाले जाने के बाद से कई लोग उनके सपोर्ट में आ चुके है। लोगों का कहना है कि टीचर भी इंसान है। उन्हें भी अपनी पर्सनल लाइफ जीने का अधिकार है। ऐसी पाबंदी लगाना गलत है। जानकारी के मुताबिक, विक्टोरिया के समर्थन में करीब तीन हजार लोग स्विमसूट पहने हुए अपनी फोटो शेयर कर चुके हैं। यही नहीं #teachersarepeopletoo के जरिए उनका ट्वीटर पर भी सपोर्ट कर रहे हैं।
'टीचर भी इंसान होते हैं'
एक यूजर ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए लिखा है कि ये पूरी तरह से दिखावा है। ऐसा करना मूर्खता है और बेहद अपमानजनक भी है। वहीं, एक अन्य महिला यूजर ने लिखा है कि टीचर हैं, लेकिन हम इंसान भी हैं। हमें भी हक है कि हम स्कूल के बाहर या फिर सोशल मीडिया पर अगर अलग दिखना चाहें तो दिखें।
सरकार ने कहा- काम पर लौट सकती हैं विक्टोरिया, मिला माॅडलिंग का आॅफर
बता दें, स्विमसूट में विक्टोरिया की फोटोज वायरल होने के बाद ओम्स्क प्रांत की सरकार ने घोषणा की है कि विक्टोरिया काम पर वापस लौट सकती हैं। सरकार की ओर से कहा गया है कि विक्टोरिया के भविष्य का फैसला हो गया है। अब ये उन्हें तय करना है कि क्या वो इसी स्कूल में पढ़ाना चाहती हैं या फिर किसी दूसरे स्कूल में। इसके बाद रूस की एक मॉडलिंग एजेंसी प्लस साइज ओम्स्क ने विक्टोरिया से संपर्क किया है और उन्हें मॉडलिंग का एक ऑफर भी दिया है।