यूपी के शाहजहांपुर जिले में एक निसंतान किसान दंपत्ति ने गाय के बछड़े को बना लिया अपना बेटा। पूरे विधि-विधान से कराया मुंडन। मुंडन कार्यक्रम में आसपास के 500 लोगों को खिलाया खाना...!
इंसान औलाद पाने के लिए ना जाने कितने जतन करता है, लेकिन एक निसंतान किसान दंपत्ति ने एक बछड़े को बेटा मानकर एक मिसाल पेश की है जिसे युगों-युगों तक याद रखा जाएगा। दरअसल, एक किसान दंपत्ति को संतान नहीं हो रही थी उसने गाय को बछड़े को बेटा मानकर उसका मुंडन करवाया और अपने आस-पास के 500 लोगों को दावत खिलाई। यह मामला यूपी के शाहजहांपुर जिले का है। दरअसल, शाहजहांपुर जिले में एक दिलचस्प मुंडन का कार्यक्रम हुआ। चौंकाने वाली बात यह है कि मुंडन संस्कार किसी बच्चे का नहीं बल्कि एक गाय बछड़े का हुआ। युवा दंपत्ती ने बाकायदा पूरे इलाके के 500 से ज्यादा लोगों के लिए भोजन का आयोजन किया। बछड़े के मुंडन संस्कार कराए जाने के चर्चा जिले के लोगों की जुबान पर है।
विधि-विधान से हुआ मुंडन कार्यक्रम
निसंतान युवक ने अपने पालतू बछड़े को बेटा मानकर बुधवार को गोमती नदी के किनारे ललतू घाट पर सांकेतिक मुंडन संस्कार कराया। बछड़े का नाम ललतू बाबा रखा गया। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, बड़ा के पमार नगला निवासी विजयपाल और उनकी पत्नी पंद्रह साल से निसंतान हैं। इस कारण उन्होंने अपनी गाय के बछड़े को बेटा मानकर लालन-पालन शुरू कर दिया। बुधवार के मुर्हूत निकलवाकर विजय ने अपने बछड़े को गोमती नदी के किनारे ललतूघाट पर मुंडन कराया।
500 लोगों को कराया भोजन
ट्रैक्टर-ट्राली पर बछड़े और परिवार के अन्य लोगों को लेकर विजय ललतूघाट गए। वहां बछड़े को नहलाया गया। इसके बाद उसे पोछा गया फिर पंडित जी ने विधिवत कथा सुनाई। नाई ने आकर बछड़े के कुछ बाल उस्तरे से साफ कर सांकेतिक मुंडन किया। इस दौरान ही बछड़े का नाम ललतू बाबा रखा गया। विजयपाल ने बछड़े के मुंडन संस्कार की दावत में आमंत्रित करने के लिए 500 कार्ड भी छपवाकर बांटे थे। बुधवार शाम को विजय के घर पर काफी लोग बछड़े के मुंडन की दावत में भी पहुंचे।