आज हम आपको ऐसे ही एक अनोखे मंदिर के बारे में बताने जा रहे हैं जहां प्रेमी जोड़ा या कपल जाए तो वह मंदिर उनके के लिए वरदान साबित होता है और उन्हें साथ लाने में मदद करता है।
नई दिल्ली। मंदिर एक ऐसी जगह है जहां जाकर हर किसी को शांति मिलती है अगर किसी को कोई परेशनी होती है तो और उसके लिए हर तरह के दरवाज़े बंद हो जाते हैं तो उसके पास एक आखिरी रास्ता बचता है भगवान के धाम का। हमारा देश ढ़ेर सारी विविधताओं से भरा पड़ा है यहां अनेक चीजें ऐसी हैं जो दिखने और सुनने में अनोखी हैं। आज हम आपको ऐसे ही एक अनोखे मंदिर के बारे में बताने जा रहे हैं जहां प्रेमी जोड़ा या कपल जाए तो वह मंदिर उनके के लिए वरदान साबित होता है और उन्हें साथ लाने में मदद करता है। लगा न झटका? हिमाचल प्रदेश के कुल्लू में स्थापित यह मंदिर अपने आप में अद्भुत है शंगचूल महादेव के यह मंदिर शांघड गांव में स्थित है। इस मंदिर की खासियत यह है कि यहां कोई भी जाती का इंसान या प्रेमी जोड़ा आकर रह सकता है। जी हां आपने सही सुना इस मंदिर में ऐसे लोग आकर रह भी सकते हैं। यहां की मान्यता यह है कि, मंदिर परिसर में कोई भी प्रेमी जोड़ा आ जाता है तो कहा जाता है कि जोड़े पर भगवान शंगचूल महादेवा की कृपा बन जाती है। यहां के लोगों की मानें तो, समाज और बिरादरी की रिवाजों को तोड़कर शादी करने वाले प्रेमी जोड़ों के लिए यह देवता रक्षक हैं। यहां सिर्फ देवता का काननू चलता है।
कहते हैं घर से भागकर जब यहां कोई प्रेमी जोड़ा आता है तो यहां के पुजारी खुद उनकी सेवा करते हैं, और तब तक उन्हें भगवान की शरण में रखते हैं जब तक मामला सुलझ न जाए। यहां के पुजारी का कहना है कि, जब यहां कोई जोड़ा आ जाता है तो उसे देवता के शरण में आया हुआ मान लिया जाता है। तकरीबन डेढ़ हजार की आबादी वाली शांघड़ पंचायत के बीचोंबीच फैला देवता शंगचूल महादेव का मैदान आपको यहां की सुंदरता का बखान करने के लिए बार-बार विवश करेगा। बता दें कि, मंदिर परिसर में कोई भी प्रेमी जोड़ा आ जाता है तो कहा जाता है कि जोड़े पर भगवान शंगचूल महादेवा की कृपा बन जाती है जिसके बाद उनको कोई भी नुकसान नहीं पहुंचा सकता है. इस मंदिर में कोई भी इंसान किसी हथियार के साथ नहीं आ सकता है।