न्यूजीलैंड में 1997 में एक भेड़ भाग कर गुफा में छुप गयी थी। 6 साल तक वो गुफा के अंदर ही रही। आखिर में जब वो मिली तो उसके शरीर पर 60 पाउंड ऊन जमा हो गया था।
नई दिल्ली। न्यूजीलैंड में 1997 में एक भेड़ भाग कर गुफा में छुप गयी थी। 6 साल तक वो गुफा के अंदर ही रही। आखिर में जब वो मिली तो उसके शरीर पर 60 पाउंड ऊन जमा हो गया था। इतने ऊन से लगभग 20 सूट बनाए जा सकते हैं। भेड़ की उस वक्त काफी चर्चा हुई थी। भेड़ का इंसानों से संबंध आदि काल से है और भेड़ पालन एक प्राचीन व्यवसाय भी मन गया है। भेड़ पालक भेड़ से ऊन तथा मांस तो प्राप्त करता ही है, भेड़ की खाद भूमि को भी अधिक ऊपजाऊ बनाती है। भेड़ कृषि अयोग्य भूमि में चरती है, कई खरपतवार आदि अनावश्यक घासों का उपयोग करती है तथा उंचाई पर स्थित चरागाह जोकि अन्य पशुओं के अयोग्य है, उसका उपयोग करती है। भेड़ पालक भेड़ों से प्रति वर्ष मेमने प्राप्त करते हैं। लेकिन ये कहां तक सही है कि, अपने मुनाफे के लिए जानवरों का इस तरह इस्तेमाल किया जाए? इस भेड़ के साथ भी ऐसा ही कुछ हुआ। जब इसके बाल उतारने की बारी आई तो 2011 में एक गुफा में जानकर छिप गई। उसके मालिक ने उसे बहुत ढूंढा लेकिन वो मिली नहीं। कतरनी से बचने के लिए 6 साल तक गायब रही ये गैब बाहर निकली इस भेड़ का दृढ़ संकल्प परी कथाओं की चीजों में बदल गया।
6 साल के बाद गुफा से निकलने के बाद ये भेड़ कोई मामूली भेड़ नहीं रही इसका नाम श्रेक रख दिया। श्रेक एक एनिमेटेड फिल्म के दानव का किरदार है जो इस फिल्म का हीरो रहता है। श्रेक नाम से मशहूर ये भेड़ भी एक नायक की तरह ही उभरा है। जब 2011 में 17 साल की उम्र में श्रेक की बीमारी से मृत्यु हो गई थी तब पूरे देश ने इस बात का शोक किया था। श्रेक की मौत का शोक ऐसे किया गया मानों जैसे किसी बुजुर्ग राजनेता का निधन हुआ हो। बता दें कि, श्रेक तभी गुफा से बहार आया होगा जब उसे एहसास हुआ कि उसे मदद की ज़रूरत है उसे गुफा में गर्मी, तनाव समस्याएं आई होंगी लेकिन जब श्रेक गुफा के बाहर आया था तब भी उसके चेहरे पर एक मुस्कान थी मानों उसकी जीत हुई हो।