सालभर पहले की बात है जब कनाडा की कैथरीन भारत आईं थीं। इस दौरान उनकी मुलाकात पश्चिम बंगाल में कालना के आश्रमपाड़ा में रहने वाले टिंकू राय से हुई और फिर इस मुलाकात को प्यार में बदलते देर न लगी।
नई दिल्ली। प्यार एक ऐसी चीज है जो हजारों मीलों का फासला एक झटके में खत्म कर देती है। तभी तो कनाडा की कैथरीन ने बंगाल के टिंकू से किया वादा पूरा करने के लिए सात समंदर पार भारत आने का फैसला किया। सालभर पहले की बात है जब कनाडा की कैथरीन भारत आईं थीं। इस दौरान उनकी मुलाकात पश्चिम बंगाल में कालना के आश्रमपाड़ा में रहने वाले टिंकू राय से हुई और फिर इस मुलाकात को प्यार में बदलते देर न लगी। टिंकू पेशे से योगा शिक्षक हैं और कैथरीन कनाडा की एक स्कूल में बच्चों को पढ़ाती थीं। पिछले साल स्कूल की छुट्टी के दौरान एक बार कैथरीन भारत घूमने आईं थी और फिर पहली नजर में ही दोनों एक-दूसरे के होने के लिए तैयार हो गए।
इन दोनों का प्यारा ऐसा परवान चढ़ा कि कैथरीन अपना सब कुछ छोड़ कर सात समंदर पार भारत चली आईं। इस दौरान उन्होंने न तो भाषा और संस्कृति की परवाह की और न ही यहां की भौगोलिक परिस्थितियों की। इन सबके पीछे था तो बस प्यार। दरअसल, कैथरीन बचपन से ही भारत आना चाहती थीं और अब जब साल 2017 में वो अपनी चाहत पूरी करने भारत आईं तो उन्हें यहां पर टिंकू से प्यार हो गया।
अब कैथरीन के माथे पर सिंदूर है तो उसके हाथों में चूड़ियां खनकती हैं। बंगाली साड़ी पहने कैथरीन चाय बनाती हैं और रोटियां भी बेलती हैं। कैथरीन अब बांग्ला सीख रही हैं। अपनी पहली मुलाकात को याद करते हुए कैथरीन बताती हैं कि ऋषिकेश में एक योग कार्यक्रम में उनकी टिंकू से पहली बार मुलाकात हुई। पहले दोस्ती हुई, फिर धीरे-धीरे प्यार हो गया। वापस अपने देश लौटकर मैसेंजर के जरिए दोनों में बातचीत होती रही। बाद में कैथरीन ने ही शादी का प्रस्ताव रखा और फिर दोनों की शादी हो गई। इस दौरान एक बार टिंकू कैथरीन के मम्मी-पापा से मिलने कनाडा भी गया था।