
नई दिल्ली। दुनिया में दिल टूटने की या फिर किसी प्रेमी जोड़े के बिछड़ने की घटनाएं रोजाना घटती रहती है। लोग कुछ दिनों तक खुद को गम में डुबा लेते हैं लेकिन वक्त का मरहम सब ठीक कर देता है। हालांकि इनमें से कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जो इस दर्द को कभी नहीं भूला पाते। अपनी मौत के बाद भी ये अपनी साथी को उसी तरह तलाशते रहते हैं जैसा कि जिंदा रहते हुए उन्होंने किया था। कुछ ऐसी ही खौफनाक लेकिन दुखद घटना का जिक्र हम आज करने जा रहे हैं।
हम यहां बात कर रहे है संयुक्त राज्य अमरीका में स्थित एरीजोना के प्रेसकॉट में स्थित एक होटल की, जहां एक नवविवाहित लड़की की आत्मा आज भी भटक रही है। बता दें इस होटल का नाम 'हस्साम्पा इन' है।
साल 1927 में नई नवेली दुल्हन फेथ समर्स अपने पति संग इसी होटल में हनीमून के दौरान गई थी। फेथ और उसके पति होटल के 426 नंबर कमरे में ठहरे थे। इस बीच एक दिन फेथ के पति सिगरेट लेने के लिए होटल से बाहर गए लेकिन दोबारा होटल वापस नहीं लौटे। फेथ अपने पति का इंतजार करती रहीं। तीन दिन बीत जाने के बाद भी जब कुछ पता नहीं लग सका तो फेथ बेल टावर पर चढ़ गई और फांसी के फंदे से लटक गई।
उस दिन से आज तक इस होटल में फेथ की अतृप्त आत्मा भटक रही है। होटल में ठहरने वाले मेहमानों को आज भी एक महिला की परछाई हॉल सहित होटल के कमरे में भटकती दिखाई देती है। परछाई के गुजरने के बाद वहां से लिलाक नामक फूल की खूशबू बिखर जाती है।
हालांकि यहां होटल में आने वाले मेहमानों का यह भी मानना है कि वह परछाई किसी को कोई नुकसान नहीं पहुंचाती है। खासकर महिलाओं को फेथ की आत्मा बिल्कुल भी परेशान नहीं करती है लेकिन अगर कोई पुरूष कमरा नंबर 426 में ठहरने आता है तो उसे रात में बहुत ही डरावने सपने आते हैं।