अजब गजब

देवी मां को खुश करने के लिए इस शख्स ने उठाया ऐसा कदम, देखने वालों की कांप गई रूह

मंदिर के अंदर गंडासा मिला है और प्राथमिक दृष्टि से बॉडी का गला पीछे से कटा है। देखने पर घटना संदेहास्पद भी लग रही है।
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Sep 17, 2018
to please goddess this man gave self sacrifice
देवी मां को खुश करने के लिए इस शख्स ने उठाया ऐसा कदम, देखने वालों की कांप गई रूह

नई दिल्ली। देवी-देवताओं पर आस्था रखना कोई गलत काम नहीं है, इस बात में कोई दो राय नहीं कि कोई तो शक्ति है जो इस सृष्टि को संभाले हुए है। लेकिन इसका मतलब यह तो नहीं कि आस्था को अंधविश्वास का नाम दे दिया जाए? ऐसा ही कुछ हुआ इस शख्स के साथ जिसने आस्था के नाम पर कुछ ऐसा काम कर दिया जिसे करने वाले को पागल ही कहा जा सकता है। उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले के एक छोटे से गांव ऊटवा में एक शख्स का एक परिवार पूरी तरह बिखर गया। भोर में लगभग 3 बजे गांव के कुछ बच्चे जन्माष्टमी का कार्यक्रम देख लौट रहे थे। तभी उन्हें रास्ते में पड़ने वाले दुर्गा मंदिर से किसी के चीखने की आवाज़ आई। इसके बाद वे रुके और मंदिर में जाकर वहां देखा तो उनके होश उड़ गए। उन्होंने देखा कि वहां एक शख्स खून में लथपथ है इसके बाद उन्होंने तुरंत मदद के लिए गुहार लगाई। बच्चों के गुहार लगाने पर वहां गांव के लोग इकठ्ठा हो गए। बता दें कि, मंदिर का दरवाज़ा बंद था, वहां पहुंचे लोगों ने जब तक दरवाज़ा खोला तब तक बहुत हो चुकी थी। अनिरुद्ध नाम के इस शख्स को जब निकाला गया तब तक उसकी मृत्यु हो चुकी थी।

अनिरुद्ध के परिवार ने जब उसका हाल देखा तो वे अपना सुध खो बैठे। खबर पुलिस के पास पहुंची तो उन्होंने बॉडी का पोस्टमार्टम कराने की बात कही। एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, मंदिर के अंदर गंडासा मिला है और प्राथमिक दृष्टि से बॉडी का गला पीछे से कटा है। देखने पर घटना संदेहास्पद भी लग रही है। लोगों की मानें तो अनिरुद्ध हमेशा पूजा पाठ करता रहता था। जिससे लोग स्वयं की बलि चढ़ाने की भी सम्भावना जता रहे हैं। आज के समय में अंधविश्वास के प्रभाव से पढ़े-लिखे लोग भी अछूते नहीं रहे हैं। विडंबना है कि लोग ये मानने को तैयार रहते हैं कि घर के बाहर रंगोली बनाने से उनके घर में लक्ष्मी आएगी लेकिन यह नहीं समझते कि ऐसा घर को साफ रखने के लिए किया जाता है। जहां विज्ञान इतना आगे बढ़ चुका है और अंतरिक्ष में सैटेलाइट तक भेजे जा रहे हैं, वहां इंसानों की बलि दी जाती है और बेमतलब के रीति-रिवाज माने जाते हैं।

Published on:
17 Sept 2018 05:52 pm