एलपीजी गैस सिलेंडर का रंग लाल ही क्यों होता है? इसके पीछे कोई न कोई कारण तो अवश्य ही होगा।
नई दिल्ली। पहले के जमाने में खाना पकाने के लिए मिट्टी के चूल्हों का इस्तेमाल किया जाता था। आज के जमाने में इनकी जगह गैस के चूल्हों का इस्तेमाल किया जाता है। इससे मेहनत और समय दोनों की बचत होती है इसलिए लोग ज्यादा से ज्यादा इनका इस्तेमाल करना ही पसंद करते हैं। एलपीजी गैस सिलेंडर से खाना पकाने पर प्रदूषण भी कम होता है।
देश में कई सारी एलपीजी गैस की कंपनी हैं और वर्तमान समय में शायद ही ऐसा कोई व्यक्ति होगा जिसने इसे नहीं देखा है। लाल रंग के इस गैस सिलेंडर को घरों में, दुकानों में, ट्रक में, हर जगह देखा जा सकता है। अब सवाल यह आता है कि आखिर इनका रंग लाल ही क्यों होता है? जरुर इसके पीछे कोई न कोई कारण तो अवश्य ही होगा।
आइए जानते हैं ताकि अगली बार कोई अगर हमसे पूछें इस बारे में तो हम बड़ी ही सहजता से बता पाए।
दरअसल, जैसा कि हम जानते हैं कि लाल रंग को खतरे के संकेत के तौर पर देखा जाता है और चूंकि एलपीजी एक ज्वलनशील गैस है इसलिए इसमें लाल रंग का प्रयोग किया जाता है।
सिर्फ एलपीजी गैस ही नहीं बल्कि अलग-अलग गैस सिलेंडरों को अलग-अगल रंगों से रंगा जाता है। आक्सीजन के सिलेंडर को सफेद रंग से, नाइट्रस ऑक्साइड के सिलेंडर को को नीले रंग से, जिसमे जहरीली गैस होती है उन्हें पीले से, कार्बन-डाई-ऑक्साइड गैस वाले सिलेंडर को ग्रे रंग से,नाइट्रोजन गैस वाले सिलेंडर को काले रंग से और हीलियम गैस के सिलेंडर को भूरे रंग में रंगा जाता है।
इनकी पहचान के लिए इन्हें इन रंगों से रंगा जाता है। किसी सिंलेडर में गैस की पहचान के लिए ऐसा किया जाता है।अकसर प्रतियोगी परीक्षाओं में इस तरह के सवाल पूछे जाते हैं, लेकिन पर्याप्त जानकारी के अभाव में बहुत से परीक्षार्थी इनका जवाब दे पाने में असमर्थ रहते हैं इसीलिए इन छोटी-मोटी और महत्वपूर्ण बातों की जानकारी अवश्य ही होनी चाहिए।