सुबह जब बेटी ने रोते हुए अपनी मां के पैर छूने की कोशि की तो उसका पैर फ्रीजर से छू गया और अचानक से एक धमाका सा हुआ।
नई दिल्ली: करनाल में एक महिला की बीमारी के बाद मौत हो गई। रात होने की वजह से शव को श्मशान घाट से लाए गए फ्रिज में रखवा दिया गया। सुबह जब बेटी ने रोते हुए अपनी मां के पैर छूने की कोशि की तो उसका पैर फ्रीजर से छू गया और अचानक से एक धमाका सा हुआ। जब तक वहां मौजूद लोग कुछ समझ पाते तब तक बेटी भी दम तोड़ चुकी थी। फ्रिज में आ रहे करंट लगने की वजह से उसकी मौत हो गई। पुलिस ने इस मामले में शमशान घाट की समिति के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
मां की देखरेख के लिए मायके में रह रही थी बेटी
मामला करनाल के सदर बाजार का है। 52 साल की बिमला लंबे समय से बीमार थीं। देखरेख के लिए 23 साल की विवाहिता बेटी मोना मायके आई हुई थी। तमाम कोशिशों के बावजूद बीमारी की वजह से रविवार की रात में बिमला की मौत हो गई।
श्मशान घाट से डेड बॉडी रखने के लिए लाए फ्रीजर
रात होने की वजह से अंतिम संस्कार सुबह करना था। इसलिए परिजन हांसी रोड श्मशान घाट से डेड बॉडी रखने के लिए फ्रीजर ले आए, लेकिन श्मशान घाट के कर्मचारी ने उन्हें वो फ्रीजर दे दिया, जिसमें करंट आता था।
बेटी के पैर छूते ही हुआ जोरदार धमाका, आैर...
परिजनों ने बिमला का शव इसी फ्रीजर में रख दिया और बिजली से कनेक्शन कर दिया, इस दौरान घर में लाइट नहीं आ रही थी। बेटी मोना फ्रीजर के पास ही बैठी थी और रो रही थी। जब सुबह छह बजे लाइट आई तो मोना रोते हुए मां के पैर छूने लगी। इस दौरान एक जोरदार धमका हुआ और परिजनों ने देखा तो मोना को करंट लगा हुआ था। परिजन उसे तुरंत एक प्राइवेट अस्पताल में लेकर गए, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया।