हम आपको उस शख्स के बारे में बताने जा रहे हैं जो इन पुरानी किताबों को पढ़ते हुए कोमा में चला गया।
नई दिल्ली: अक्सर लोग अपनी किताबों और तस्वीरों को सजोकर किसी संदूक या अलमारी में रख देते हैं जिससे कुछ समय बाद वो अपनी पुरानी यादों को देखकर खुश हो सकें और अपने बच्चों और नाती-पोतों को दिखा सकें। इन पुरानी यादों को संभाल कर रखने के लिए लोग किसी भी हद तक जाते हैं। आपको बता दें कि कभी कभार ये किताबें और तस्वीरें लोग अपने संदूक में रखकर भूल जाते हैं जिससे इनमें दीमक या फफूंद लग जाते हैं क्योंकि इन किताबों में नमी आ जाती है। आज इस खबर में हम आपको उस शख्स के बारे में बताने जा रहे हैं जो इन पुरानी किताबों को पढ़ते हुए कोमा में चला गया।
दरअसल यह शख्स और कोई नहीं बल्कि इंग्लैंड के जाने माने लेखक मार्टिन ग्रीनवुड है जो अपने दादा की किताब की वजह से कोमा में चले गए थे और उनकी हालत मरने जैसी हो गयी थी। अब आप सोच रहे होंगे कि आखिर इस किताब में ऐसा क्या था जिसकी वजह से मार्टिन कोमा में चले गए तो हम आपको बता दें कि जिस किताब को मार्टिन पढ़ रहे थे वो दरअसल उनके दादा 'पर्सी मॉन्कमैन' की किताब थी।
पर्सी मॉन्कमैन गुजरे जमाने के जाने माने एंटरटेनर हुआ करते थे और वो लोगों के बीच काफी लोकप्रिय भी हुआ करते थे। मार्टिन उनके पोते हैं और वो अपने दादा की किताब को पढ़ रहे थे तभी उन्होंने कुछ ऐसा कर दिया कि वो कोमा में चले गए। दरअसल यह किताब 100 साल से बंद थी जिसकी वजह से इसमें बीजाणु बन गए थे और फिर जैसे ही मार्टिन ने इन्हें सूंघा ये सीधे उनकी नाक से होते हुए उनके फेफड़ों में पहुंच गए जिससे वो मौत के करीब पहुंच गए थे हालांकि अब उनकी हालत सामान्य है और वो पूरी तरह से ठीक है साथ ही अब उन्हें अस्पताल से भी छुट्टी मिल चुकी है।