महिला स्वास्थ्य

पुरुषों में ऐसे होते हैं हार्ट अटैक के लक्षण, लेकिन महिलाओं में होते हैं अलग

एक अध्ययन के अनुसार महिलाओं व पुरुषों में हार्ट अटैक के अलग—अलग लक्षण नजर आते हैं। महिलाओं में पसीना, मतली, चक्कर आना और असामान्य थकान जैसे आम लक्षण नजर आते हैं, जो खासकर सोते समय देखने को मिलते हैं। आइए एक नजर डालते हैं महिला व पुरुष के आम लक्षणों पर।
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Updated: 12 Feb 2024, 10:23 AM IST
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पुरुषों के विपरीत, महिलाओं में सीने में दर्द, दबाव या बेचैनी हमेशा गंभीर नहीं होती है या दिल का दौरा पड़ने का सबसे प्रमुख लक्षण भी नहीं होता है। मेयो क्लिनिक के शोधकर्ताओं ने खुलासा किया कि इसीलिए महिलाओं को हृदय रोग के खतरे को कम करने के लिए काम करने के साथ-साथ उनके अनूठे लक्षणों को भी समझने की जरूरत है। जब महिलाएं दिल के दौरे के लक्षणों का अनुभव करती हैं, तो उन संकेतों की अक्सर गलत व्याख्या की जाती है। महिलाओं के लक्षण अक्सर अस्पष्ट होते हैं - सांस की तकलीफ, मतली/उल्टी, और पीठ या जबड़े में दर्द। अन्य महिलाओं को चक्कर आना, निचली छाती या ऊपरी पेट में दर्द और अत्यधिक थकान का अनुभव होता है।

चिकित्सक चतुरा अलूर ने कहा, "पहले हृदय रोग के विकास के जोखिम कारकों को पहचानना और फिर उन व्यवहारों पर अंकुश लगाने के लिए काम करना महत्वपूर्ण है जो उस जोखिम को बढ़ा सकते हैं।" अलूर ने कहा, "कुछ कारक महिलाओं में हृदय रोग के विकास में पारंपरिक जोखिमों की तुलना में अधिक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, जैसे उच्च कोलेस्ट्रॉल, मोटापा और उच्च रक्तचाप।"

हृदय रोग को रोकने में मदद के लिए महिलाओं को मधुमेह, मानसिक तनाव और अवसाद, धूम्रपान और आरामदेह जीवन शैली जैसे जोखिम कारकों को नियंत्रिता करना चाहिए। रजोनिवृत्ति, ब्रोकेन हार्ट सिंड्रोम और गर्भावस्था की जटिलताओं सहित कुछ स्थितियाँ भी एक महिला में हृदय रोग के खतरे को बढ़ा सकती हैं। कई महिलाएं अपने लक्षणों को कम महत्व देती हैं और तब तक देखभाल नहीं करती हैं जब तक कि हृदय को नुकसान नहीं पहुँच जाता है और आईसीयू में जाना आवश्यक हो जाता है। हम चाहते हैं कि महिलाएं अपने शरीर की बात सुनने के महत्व को समझें, समझें कि उन्हें क्या सामान्य लगता है, और लक्षण गंभीर होने से पहले देखभाल करें।"

अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन (एएचए) के अनुसार, गर्भनिरोधक गोलियों और धूम्रपान के संयोजन से युवा महिलाओं में हृदय रोग का खतरा 20 प्रतिशत तक बढ़ जाता है। महिलाओं को बिना किसी पूर्व लक्षण के दिल का दौरा पड़ सकता है। एएचए ने कहा कि कोरोनरी हृदय रोग से अचानक मरने वाली लगभग 64 प्रतिशत महिलाओं में पहले कोई लक्षण नहीं थे। जोखिम भी बढ़ जाता है क्योंकि महिलाओं की उम्र और पारिवारिक इतिहास अक्सर एक कारक होता है। अधिक खाना और गतिहीन जीवनशैली जीना भी ऐसे कारक हैं जो समय के साथ धमनियों के अवरुद्ध होने का कारण बनते हैं। एएचए हृदय रोग के पारिवारिक इतिहास के मामले में 20 साल की उम्र में या उससे पहले कोलेस्ट्रॉल की जांच करने की सलाह देता है। अपने रक्तचाप की नियमित जांच कराना भी महत्वपूर्ण है।

डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।
Updated on:
12 Feb 2024, 10:23 AM IST
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