
heart attack: यदि गंभीर कोविड हुआ था, तो कम मेहनत करें, हार्टअटैक का जोखिम
कोरोना का प्रसार तो खत्म हो गया, लेकिन कोरोना ने शरीर पर ऐसा असर छोड़ा है कि इसके गंभीर परिणाम नजर आ रहे हैं। बीते दिनों नवरात्री में सामने आई हार्टअटैक की घटनाओं को इसका उदाहरण माना जा सकता है। इस तरह के मामलों पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि आईसीएमआर की ओर से किए गए एक अध्ययन के मुताबिक जिन लोगों को गंभीर रूप से कोविड हुआ था और पर्याप्त समय नहीं बीता है उन लोगों को दिल का दौरा पड़ने से बचने के लिए कम से कम एक या दो साल तक ज्यादा एक्सरसाइज, रनिंग या कठिन परिश्रम करने से बचना चाहिए। उनका यह बयान उस समय आया है, जब हाल ही गुजरात में गरबा खेलने के दौरान लोगों को हार्ट अटैक हुए हैं। इसमें विभिन्न आयुवर्ग के लोग शामिल रहे हैं।
कोरोना और हार्ट अटैक का क्या संबंध, संभावनाओं पर बात
वायरस से लड़ते समय असामान्य तरीके से बनने वाली प्रतिरक्षा दिल को नुकसान पहुंचा सकती है। इससे रक्तवाहिनियां मोटी हो जाती हैं जिससे उनमें रक्त प्रवाह के लिए जगह कम हो जाती है और वो बाधित हो जाता है, इसे वस्क्यूलर इंफ्लेमेशन कहा जाता है। इसलिए जो लोग पहले ही दिल संबंधी बीमारियों से ग्रस्त थे उनमें ये समस्या और गंभीर हो गई।
युवा आ रहे हैं चपेट में
इंडियन हार्ट एसोसिएशन के अनुसार, बीते सालों में 50 वर्ष से कम उम्र के 50 फीसदी और 40 साल से कम उम्र के 25 फीसदी लोगों में हार्ट अटैक का जोखिम देखा गया है। हालांकि हालांकि इनमें से किसी भी मामले के कोविड से जुड़े होने के प्रमाण नहीं मिले हैं लेकिन कुछ लोग हार्ट अटैक को कोरोना महामारी के प्रभाव के रूप में देख रहे हैं।
डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।
Updated on:
30 Oct 2023, 12:35 PM IST
Published on:
30 Oct 2023, 12:35 PM IST
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