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ऑफिस में प्रिजेंटेशन देने की टेंशन अब भूल जाएं

बिजनेस सेमिनार्स से लेकर बोर्ड रूम मीटिंग्स तक में आपको प्रेजेंटेशन्स देनी पड़ सकती हैं।

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Dec 18, 2017
presentation in office

बिजनेस सेमिनार्स से लेकर बोर्ड रूम मीटिंग्स तक में आपको प्रेजेंटेशन्स देनी पड़ सकती हैं। आपकी तैयारी की एक पूरी झलक दे जाने वाली इन प्रेजेंटेशन्स के लिए पहले से तैयारी होगी तो आपको टेंशन नहीं, बल्कि वहां बैठे लोगों की अटेंशन मिलेगी। जानते हैं प्रेजेंटेशन का तरीका-

प्रोफेशनल लाइफ में हर व्यक्ति को कभी न कभी अपनी टीम या दूसरे भावी क्लाइंट्स के सामने प्रेजेंटेशन देनी पड़ती है। कुछ लोग इन प्रेजेंटेशन्स में बेहद आश्वस्त नजर हैं, तो कुछ ऐसे लोग भी होते हैं, जिन्हें प्रेजेंटेशन के नाम से ही बुखार आ जाता है। प्रेजेंटेशन की टेंशन खुद पर हावी न होने देने के लिए सबसे अच्छा उपाय यह है कि इसके लिए क्रमवार ढंग से तैयारी करके चला जाए। हर कदम की सही तैयारी आपको आश्वस्त रखती है कि आपने पूरा होमवर्क किया है और आप किसी भी स्थिति का सामना करने में समर्थ हैं। अगली प्रेजेंटेशन में ये स्टेप जरूर फॉलो करें-

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भाषा हो आसान

प्रेजेंटेशन की भाषा ऐसी होनी चाहिए जो वहां बैठे टारगेट व्यूवर्स को समझ आती हो। आपकी प्रेजेंटेशन कितने ही टेक्नीकल मुद्दे पर क्यों न हो, अपने सामने बैठे लोगों से इंटरेक्शन में आसान शब्दों का ही इस्तेमाल करें। कोई तकनीकी शब्द जरूरी हो तो उसका अर्थ भी बता दें। प्रेजेंटेशन के दौरान जरूरत से ज्यादा स्मार्ट बनने की कोशिश न करें।

फीडबैक से चलें

प्रेजेंटेशन से पहले एक बात मानकर चलें कि यह कोई ऐसा लेक्चर नहीं है, जहां सिर्फ आपको ही बोलने की अनुमति है। अपनी बातें जबरन लोगों पर न थोपें। उनसे भी बीच-बीच में सवाल पूछते रहें। उनकी प्रतिक्रियाओं को जोड़ते हुए स्लाइड्स दिखाएंगे तो वहां बैठे लोगों की रुचि बढ़ेगी। लोगों के फीडबैक से आपके प्रेजेंटेशन में सुधार हो सकता है।

आपको अपना प्रेजेंटेशन देते

समय इस बात का खयाल रखना चाहिए कि आपकी ऑडियंस भी आपको कुछ सवाल कर सकती है। इसलिए पूरी तैयारी के साथ प्रेजेंटेशन देना सही रहता है।

करें वाइंडअप

प्रेजेंटेशन व्यूअर्स को बांधे तभी रखती है, जब वह खुद बंधी-बंधाई होगी। इसमें कहीं भी लक्ष्य से भटकाव नहीं होना चाहिए। यदि प्रेजेंटेशन भटकने भी लगे तो प्रेजेंटर मेें उसे वापस ट्रैक पर लाने का गुण होना चाहिए। प्रेजेंटेशन की समाप्ति यानी उसका वाइंडअप भी पॉजिटिव नोट पर होना चाहिए। टीम के लक्ष्यों और टीम मेंबर्स से अपेक्षाओं के साथ बात खत्म करें। क्लाइंट्स के सामने उनकी जरूरतों और आपकी सार्थकता से बात पूरी करें।

उदाहरणों से करें स्पष्ट

आपको अपने प्रेजेंटेशन को रोचक बनाने का प्रयास करना चाहिए। अगर आप अपने प्रेजेंटेशन को शानदार बनाना चाहते हैं तो आपको इसमें कुछ प्रैक्टिकल उदाहरणों का समावेश करना होगा। प्रेजेंटेशन को बोङ्क्षरग होने से रोकने के लिए आपको ऐसी बातें डालनी होंगी जो नई हों और लोगों का ध्यान आकर्षित करें। प्रेजेंटेशन में नई विषयों का समावेश करने से काफी फायदा होता है।

क्या हैं लक्ष्य

प्रेजेंटेशन शुरू होते ही तथ्यों की बमबारी करने की बजाय अपने लक्ष्य स्पष्ट करें। टीम को प्रेजेंटेशन देते हुए अपने प्रोजेक्ट के लक्ष्य उनके सामने स्पष्ट करें जबकि क्लाइंट्स के सामने प्रेजेंटेशन देते हुए उनकी जरूरतों से शुरुआत करें। सामने दिखाई जा रही प्रेजेंटेशन में जब वे अपनी जरूरतों की पूर्ति के विकल्प देखेंगे तो उनकी रुचि प्रेजेंटेशन में पैदा होगी।

दिखती रहे उम्मीद

बिजनेस प्रेजेंटेशन के जरिए आप दरअसल लोगों को अपने प्लान की ओर आकर्षित करने की कोशिश करते हैं और ऐसा नकारात्मकता की भावना के साथ नहीं हो सकता। आप चाहे अपनी टीम को संबोधित कर रहे हों या फिर संभावित क्लाइंट्स को, उन्हें आपकी प्रेजेंटेशन, शब्दों और बॉडी लैंग्वेज में सकारात्मकता के साथ-साथ उम्मीद भी नजर आनी चाहिए। प्रेजेंटेशन देते समय आपको पूरी तरह आश्वस्त दिखना चाहिए, तभी लोगों का विश्वास आप जीतने में कामयाब हो सकेंगे। इसके लिए आपकी बातों में दम होना बहुत जरूरी है। अगर आप बुझे-बुझे से नजर आएंगे तो लोगों पर आपका प्रभाव नहीं पड़ेगा।

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