अगर आप किसी व्यक्ति के तर्क को पूरी तरह से काट देते हैं, तब भी आपको कुछ हासिल नहीं होता है।
अगर आप किसी व्यक्ति के तर्क को पूरी तरह से काट देते हैं, तब भी आपको कुछ हासिल नहीं होता है। आदमी अपनी सोच को सबसे ज्यादा महत्व देता है। इसलिए उसे दरकिनार नहीं करना चाहिए। अगर आप किसी व्यक्ति से कोई खास काम करवाना चाहते हैं तो उससे बहस करने की कोशिश न करें। इसके बजाय उसकी बातों को ध्यान से सुनें और उसके आधार पर ही अपनी बात कहें। इससे आपका काम पूरा हो सकता है।
निष्कर्ष को खुद सोचने दें
आप किसी को मजबूर नहीं कर सकते कि वह किस चीज पर विश्वास करे। ज्यादातर प्रेरक व्यक्ति आपसे किसी विशेष सोच की मांग नहीं करते, बल्कि वे सुझाव की ताकत जानते हैं। वे आपके अंदर सुझाव का बीज बो देते हैं और जब इसका पौधा खिलता है तो वे इसका क्रेडिट नहीं लेते। उनका काम भी हो जाता है और आप सोचते हैं कि यह आपका ही मूल विचार है। अपनी बात को किसी पर न थोपें, उन्हें खास काम के लिए प्रेरित करें। खुद निष्कर्ष पर पहुंचने से व्यक्ति काम कर पाता है।
सबकी सोच का सम्मान
आपके और जिस व्यक्ति को आप समझाना चाह रहे हैं, उसके बीच में सबसे बड़ी बाधा अहंकार होता है। अपने विचार सावधानी से रखें। आप कितने भी सत्यवादी क्यों न हों, कभी भी यह न कहें कि सामने वाला व्यक्ति गलत हैं। इससे सामने वाले व्यक्ति के अहंकार को ठेस पहुंचती है। वह सोचता है कि आप उसकी सोच का सम्मान नहीं करते हैं।
काम न करे तो चुनौती दें
अगर आप सामने वाले व्यक्ति को किसी काम के लिए बिल्कुल भी तैयार नहीं कर पा रहे हैं तो उसके कंपीटिटिव पक्ष में अपील करनी चाहिए। उसे यह साबित करने की चुनौती दें कि वह सही क्यों है। इस प्रक्रिया में वह खुद सोचने को विवश हो जाएगा कि कौन सही है और कौन गलत। इस तरह वह सही दिशा का चुनाव करेगा। इससे वह आपकी बातों को भी तवज्जो जरूर देगा और आपका काम बन जाएगा। इस प्रक्रिया में ज्यादा उत्तेजित होने से बचें।
नाटकीय बनें
जिद्दी व्यक्ति से बात मनवाने के लिए बाात को नाटकीय रूप देना होगा। अगर आप सीधे सपाट तरीके से अपनी बात कहेंगे तो इसका कोई असर नहीं होगा। अगर किसी बात को भावनाओं के साथ जोडक़र पेश करेंगे तो आपकी बातों का ज्यादा प्रभाव ज्यादा पड़ेगा।
कॉमन ग्राउंड तक पहुंचें
लोगों को मनाने के लिए पहले उन बातों पर जोर देना चाहिए, जिन पर आप दोनों राजी हों। जिन चीजों के लिए दोनों जोर दे रहे हैं, उन्हें महत्व दें। अगर बात को भावनाओं के साथ जोडक़र पेश करेंगे तो प्रभाव ज्यादा होगा। बात को चुटकुलों, वीडियोज आदि की मदद से कहें।
गलतियों को स्वीकारें
जब आप पूरी तरह से सही हों, तब भी लोगों से विनम्रता और चतुराई से बात कहें और जब आपको पता लग जाए कि आपसे गलती हो चुकी है तो उसे मानने में देर न लगाएं। इससे गलती पर सोचने के बजाय आगे बढऩे का मौका मिल जाता है।
दोस्ताना रवैया रखें
ज्यादातर इंसान बुरे व्यक्ति के साथ बुरा बर्ताव करने लगते हैं, पर इससे बात नहीं बनती है। अगर आप बुरे व्यवहार के दौरान भी चेहरे पर मुस्कुराहट बना रखते हैं और प्रशंसा करते हैं तो आप अडिय़ल व्यक्ति का दिल भी जीत सकते हैं और कामयाब हो सकते हैं। सबसे दोस्ताना रवैया रखने के कई फायदे होते हैं।