कुछ लोग परिस्थिति के आगे घुटने टेक देते हैं, वहीं कुछ लोग मुश्किलों का डट कर सामना करते हैं और वक्त के साथ और भी मजबूत होकर सामने आते हैं
कुछ लोग परिस्थिति के आगे घुटने टेक देते हैं, वहीं कुछ लोग मुश्किलों का डट कर सामना करते हैं और वक्त के साथ और भी मजबूत होकर सामने आते हैं। ऐसे लोग इतिहास रचते हैं। इनमें से एक हैं पाकिस्तान की ३० वर्षीय मोटीवेशनल स्पीकर मुनीबा मजारी। मुनीबा को पाकिस्तान की आयरन लेडी कहते हैं। इनका जन्म १९८७ में हुआ था। ये मूल रूप से पाकिस्तान के बलूचिस्तान की रहने वाली हैं। जब अठारह साल की थीं तभी इनकी शादी हो गई। २००७ में इक्कीस साल की उम्र में पति संग कार से जा रहीं थी तभी सडक़ हादसे में इनके रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोट लग गई। इससे कमर के नीचे का हिस्सा पूरी तरह सुन्न हो गया। करीब एक साल तक चले इलाज के बाद भी पैरों में ताकत नहीं आई। इसके बाद पति ने साथ छोड़ दिया।
करीब आठ साल तक घर में पड़ी रहीं। इसके बाद नई जिंदगी शुरू करने का फैसला किया। घर पर पेटिंग में खुद का ब्रांड ‘मुनिबा कैनवास’ से काम शुरू किया जिसका लोगो घर की दीवारों को रंगों से सजाने पर ‘लेट्स योर वॉल्स वीयर कलर्स’ रखा। इनकी पेंटिंग्स दुनियाभर में चर्चित हो गईं । फिर पीछे मुड़ कर नहीं देखा। अपनी जिंदगी की कड़वी सच्चाई को बताने के लिए छह मिनट ३७ सेकंड का वीडियो बनाया और लोगों को जिंदगी जिंदादिली के साथ जीने के लिए प्रेरित किया। देश- विदेश में इनके कार्यक्रम को सुनने के लिए हजारों की संख्या में लोग पहुंचते हैं। यूनाइटेड नेशन वीमन पाकिस्तान ने इन्हें नेशनल एंबेसडर नामित किया है।
चर्चा में : अपनी जिंदगी की कहानी का करीब साढ़े छह मिनट का वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड किया है जिसमें व्हील चेयर पर बैठीं हैं। अब तक इसे लाखों लोग देख चुके हैं। इस वीडियो को देखने के बाद ट्विटर और फेसबुक पर फॉलोवर्स की संख्या हजारों की संख्या में पहुंच गई है।