सहारा लेना व्यक्ति की महत्वाकांक्षा का संकेत होता है। आप कमजोर या मजबूत हैं, इसका चयन खुद आपको ही करना है
सहारा लेना व्यक्ति की महत्वाकांक्षा का संकेत होता है। आप कमजोर या मजबूत हैं, इसका चयन खुद आपको ही करना है।
सहारा एक ऐसा शब्द है, जो आपने सुना है, जानते हैं, कभी-कभी दिया और लिया भी होगा। आपको क्या लगता है कि किसको सहारे की जरूरत है या कौन सहारा लेता है? जो कमजोर है, सही है? लेकिन असलियत पूरी तरह से विपरीत है, सहारा या मदद लेना मजबूत व्यक्ति की पहचान है। केवल एक मजबूत व्यक्ति जिसके दिमाग में एक अचूक दृढ़ संकल्प और दिल में आग हो, वही अपनी पसंद के क्षेत्र में सर्वश्रेष्ठ होने के लिए सहारे की तलाश करता है। आमतौर पर यह धारणा है कि कमजोरों को सहारे की जरूरत होती है, लेकिन सहारा लेना महत्वाकांक्षा का संकेत है। आप कमजोर या मजबूत हैं, इसका चयन आपको करना है।
सर्वश्रेष्ठ व्यक्ति चुनें
सुपर स्पेशलिस्ट के हाथों का समर्थन आपको सर्वश्रेष्ठ से कम कुछ नहीं देता है। क्या यह आपकी जरूरत नहीं है? अपने चारों ओर देखो। अपने क्षेत्र के सर्वश्रेष्ठ लोगों को इंटरनेट पर खोजें और देखें कि वे क्या करते हैं। वे जो बने हैं, वैसा बनने के लिए वे क्या करते हैं। उनके साथ संपर्क में रहने का प्रयास करें। उदाहरण के लिए जब आप एक बच्चे थे और किसी विषय में मदद की आवश्यकता थी, जैसे कि गणित या विज्ञान तो आपके पेरेंट्स सिर्फ एक ट्यूशन टीचर नहीं खोजते थे, बल्कि सबसे अच्छा टीचर खोजते थे। जब आप सहारे की तलाश शुरू करेंगे, तो समर्थन की दोनों श्रेणियों- अपग्रेड और डीग्रेड का चुनाव आप पर निर्भर होगा। हमेशा सर्वश्रेष्ठ व्यक्ति, विषय का स्वामी, क्षेत्र का विशेषज्ञ चुनें और उन्हें अपने भविष्य की दृष्टि से स्वप्न साकार करें।
किससे मदद लेनी है
यह महत्वपूर्ण निर्णय आपकी सफलता को बना या तोड़ सकता है। सहारा लेने के समय यदि आप उन लोगों को चुनते हैं जो अपने क्षेत्र में विशेषज्ञ हैं, तो वे न केवल आपकी समस्याओं का समाधान करते हैं, बल्कि अपने मौजूदा कौशल सेट में मूल्य भी जोड़ते हैं। ऐसे व्यक्ति से एक सलाह, सहायता या समर्थन न केवल आपकी वर्तमान समस्याओं को हल करता है, बल्कि आपको भविष्य की कई चुनौतियों के लिए तैयार करने में भी मदद करता है। जबकि विशेषज्ञों को छोडक़र किसी और से सहायता मांगना आपकी नौका किनारे से दूर ले जाती है।
यह कैसे होता है
जीवन में सर्वश्रेष्ठ करने के लिए क्षेत्र के सुपर मास्टर स्पेशलिस्ट पर गौर करना जरूरी क्यों है? औसत दर्जे पर क्यों नहीं? इसका एक खास कारण है। जब आप किसी का वैल्यू सिस्टम मानते हैं, तो उनका वैल्यू सिस्टम आपका वैल्यू सिस्टम बन जाता है। यदि आप एक अंडर परफॉर्मर के साथ खुद घिरे रहेंगे, तो आप कभी भी आउट परफॉर्मर नहीं बनेंगे। सही विश्वास प्रणाली के लोगों को अपने आस-पास रखें और अपनी दिलचस्पी वाले क्षेत्र के लोगों से सीख लें। जब आप बेस्ट लोगों के साथ समय गुजारते हैं तो आप उनकी अच्छी आदतों को सीखने का प्रयास करते हैं और सफलता प्राप्त करते जाते हैं।
मेहनत का फल
माइकल जॉर्डन खिलाड़ी हैं, उन्होंने भी एक दिन में अपने क्रांतिकारी खेल को नहीं सीखा। कई वर्षों के लगातार प्रयासों के परिणामस्वरूप वह अपने खेल में महारत हासिल कर पाए। नोबेल पुरस्कार विजेता मदर टेरेसा ने एक बार में दुनिया को नहीं बदला, यह एक समय में एक व्यक्ति की मदद करने का प्रयास था। अरुणिमा सिन्हा ने एक प्रयास में दुनिया के सर्वोच्च शिखर पर चढ़ाई नहीं की। यह हर दिन की मेहनत का फल है, जिससे उन्हें एक अनूठी सफलता मिली। जैसा कि फुटबॉल आइकन लियोनेल मेस्सी अपने शब्दों में कहते हैं, ‘दुनिया में मुझे रातोंरात जो सफलता मिली, उसके लिए मुझे 17 साल और 114 दिन लग गए।’ आपका सुधार चमत्कार नहीं है। यह एक प्रक्रिया है, प्रत्येक दिन किए जा रहे प्रयासों की क्रमिक प्रक्रिया।
समान सोच के लोग खोजें
आपको समान सोच वाले लोगों को खोजना होगा, न सिर्फ आपकी कंपनी में, बल्कि मित्रमंडली, आपके द्वारा देखी जाने वाली फिल्मों में, गेम खेलने में, आप जो चीजें सीखते हैं, जब तक कि आपके जीवन में सब कुछ आपके लक्ष्य के अनुसार न होने लग जाए। एक एथलीट एथलीट्स के बीच रहकर सर्वश्रेष्ठ बन जाता है। गणितज्ञ गणितज्ञों के बीच रहकर बेहतर बनता है।
सुपर विशेषज्ञ से मिलने पर क्या करें
एक रिसोर्स का होना और उसका इस्तेमाल न करना उस रिसोर्स के न होने के बराबर है। जब आप मास्टर परफॉर्मर मेंटर से मिलते हैं, तो देखें कि वे क्या करते हैं और यह कैसे करते हैं। मेंटर के सफलता के सूत्रों को अपने जीवन में उतार लें और उनका पालन करें। एक दिन, एक सप्ताह, एक महीने या एक वर्ष के लिए नहीं, लेकिन लगातार आने वाले हर दिन के लिए।