
पाकिस्तान (Pakistan) में अपराध बढ़ता ही जा रहा है। कमजोर कानून व्यवस्था इसके आगे लचर है। बलूचिस्तान में तो स्थिति काफी खराब है। प्रांत में आए दिन ही आपराधिक मामले देखने को मिलते हैं। अब बलूचिस्तान (Balochistan) में गोलीबारी का मामला सामने आया है।
स्थानीय अधिकारियों ने आज बताया कि बलूचिस्तान प्रांत के किला अब्दुल्ला जिले में अज्ञात हमलावरों ने ताबड़तोड़ गोलीबारी की। इस गोलीबारी में 3 लोगों की मौत हो गई। वहीँ इस वारदात के बाद हमलावर 2 लोगों को अगवा करके घटनास्थल से फरार हो गए।
अगवा लोगों की तलाश शुरू हो गई है। सुरक्षाबलों ने हमलावरों का पता लगाने और अगवा हुए लोगों को छुड़ाने के लिए तलाशी अभियान शुरू कर दिया है। हालांकि अब तक इस बारे में कुछ पता नहीं चल पाया है कि इस वारदात को किसने अंजाम दिया।
बलूचिस्तान में ज़्यादातर लोग पाकिस्तानी सरकार और सेना के खिलाफ हैं। उनका मानना है कि सरकार बलूचों की उपेक्षा करती है। वहीँ सेना पर अक्सर ही बलूचों के खिलाफ अत्याचार के आरोप लगते हैं। बलूचिस्तान में सेना के इशारे पर जबरन लोगों को गायब करना, उनकी हत्या करना जैसी घटनाएं देखने को मिलती हैं। कानून व्यवस्था बेहद ही कमजोर है। ऐसे में बलूचिस्तान में कई आतंकी और उग्रवादी संगठन सक्रिय हैं, जो सरकार और सेना की खिलाफत करते हैं। सबसे ज़्यादा आतंकवाद के मामले में बलूचिस्तान पाकिस्तान के सभी प्रांतों में दूसरे नंबर पर है। वहीँ सेना के इशारे पर काम करने वाले डेथ स्क्वाड भी बलूचिस्तान में एक्टिव हैं, जो आपराधिक गतिविधियों को बढ़ाते हैं और लोगों की हत्या, ज़बरदस्ती वसूली करना, लोगों को अगवा करना जैसे काम करते हैं। इतना ही नहीं, बलूच नेताओं ने पाकिस्तान से आज़ादी के लिए अभियान भी चलाया हुआ है। बलूच नेता बलूचिस्तान को पाकिस्तान का हिस्सा मानने से इनकार करते हैं और भारत समेत दुनियाभर के देशों से उसे एक अलग और आज़ाद देश के तौर पर मान्यता देने की मांग करते हैं। ऐसे में पाकिस्तानी सेना और पुलिस अक्सर ही बलूच नेताओं के खिलाफ भी कार्रवाई करती है।