विदेश

ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची की दो-टूक – ‘मिडिल-ईस्ट की सुरक्षा क्षेत्र के बाहर से तय नहीं की जा सकती’

Iran-US Conflict: मिडिल ईस्ट की सुरक्षा पर ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने दो-टूक सुना दी है। क्या कहा अब्बास अराघची ने? आइए जानते हैं।
2 min read
Sep 19, 2026
Abbas Araghchi
अब्बास अराघची (Photo - ANI)

ईरान (Iran) और अमेरिका (United States of America) के बीच जंग अभी भी खत्म नहीं हुई है, जिसकी वजह से दोनों देशों में तनाव काफी बढ़ गया है। सिर्फ ईरान में ही नहीं, मिडिल ईस्ट (Middle East) की सुरक्षा पर भी इस जंग की वजह से खतरा बना हुआ है। इसी बीच ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची (Abbas Araghchi) ने बड़ा बयान दिया है।

मिडिल-ईस्ट की सुरक्षा क्षेत्र के बाहर से तय नहीं की जा सकती

इंडोनेशिया (Indonesia) के 'ग्लोबल टाउन हॉल 2026' कार्यक्रम में वर्चुअली बात करते हुए अरागची ने कहा, "अगर बड़ी ताकतों के हितों के लिए अंतर्राष्ट्रीय कानूनों को नज़रअंदाज़ किया जाता है तो फिर कानून के शासन की बात नहीं की जा सकती। अगर UN जैसी संस्थाएं "आक्रामकता का विरोध करने और अंतर्राष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन करने वालों को जवाबदेह ठहराने में नाकाम रहती हैं, तो यह स्वाभाविक है कि इन संस्थाओं की विश्वसनीयता और वैधता पर असर पड़ेगा।"

कानून के शासन की बात नहीं की जा सकती अगर…

अराघची ने आगे कहा, “अगर बड़ी ताकतों के हितों के लिए अंतर्राष्ट्रीय कानून को नज़रअंदाज़ किया जाता है, तो कानून के शासन की बात नहीं की जा सकती।” अराघची ने ज़ोर दिया कि दुनिया को अब पहले से कहीं ज़्यादा बहुपक्षवाद की ज़रूरत है।

आम लोग चुकाते हैं भारी कीमत

अराघची ने आगे कहा, "हमें यह मानना ​​होगा कि हर युद्ध की कीमत युद्ध के मैदान से काफी ज़्यादा होती है। युद्ध का खर्च तो टैक्स देने वाले उठाते हैं, लेकिन आम लोग अपनी जान, खून, घर, भविष्य और सुरक्षा के रूप में सबसे भारी कीमत चुकाते हैं।"

टिकाऊ सुरक्षा किस पर करती है निर्भर?

अराघची ने आगे कहा “हमारा मानना ​​है कि टिकाऊ सुरक्षा इस क्षेत्र के देशों के बीच बातचीत, भरोसा बढ़ाने, सहयोग और आपसी सम्मान से हासिल की जा सकती है, न कि विदेशी ताकतों की सैन्य मौजूदगी और अपनी मर्ज़ी थोपने से।" आपकी जानकारी के लिए बता दें कि ईरान और अमेरिका के बीच जंग की वजह से मिडिल ईस्ट में अन्य देशों पर भी प्रभाव पड़ा है। अमेरिका के खिलाफ जवाबी कार्रवाई में ईरान ने अमेरिका के सहयोगी देशों पर कई बार हमले किए हैं।