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सीरिया में सैन्य ठिकाने पर हुए धमाके में मारे गए 11 सैनिक

Syria Military Site Blast: सीरिया में सैन्य ठिकाने पर हुए धमाके में 11 सैनिकों ने अपनी जान गंवा दी।
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भारत

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Tanay Mishra

Sep 19, 2026

Blast

सीरिया में धमाका (Representational Photo)

सीरिया (Syria) के दीर एज़-ज़ोर (Deir ez-Zor) प्रांत के आय्याश (Ayyash) कस्बे में शुक्रवार को सैन्य ठिकाने पर धमाका हो गया। दीर एज़-ज़ोर प्रांत के प्रशासन ने बताया कि यह धमाका इलाके में स्थित सीरियाई सेना के हथियारों के डिपो में हुआ। धमाके के बाद डिपो में आग लग गई। डिपो के अंदर हथियारों समेत काफी गोला-बारूद मौजूद था, जिसकी वजह से धमाका काफी जोर से हुआ और इसकी आवाज़ काफी दूर तक सुनाई दी। इस मामले में अब एक बड़ा अपडेट सामने आया है।

मारे गए 11 सैनिक

सीरिया के दीर एज़-ज़ोर प्रांत के आय्याश कस्बे में सैन्य ठिकाने पर हुए धमाके में 11 सैनिक मारे गए। देश के रक्षा मंत्रालय ने इस बारे में जानकारी दी। स्टेट मीडिया ने जानकारी दी कि रक्षा मंत्रालय ने धमाके में जान गंवाने वाले 11 सैनिकों के अंतिम संस्कार की व्यवस्था की। नेशनल हॉस्पिटल में इन सभी सैनिकों के अंतिम संस्कार का जुलूस निकाला गया।

अस्पताल में भर्ती घायल सैनिक

शुरुआत में इस धमाके में कई सैनिकों के घायल होने की जानकारी ही सामने आई थी, लेकिन आज 11 सैनिकों की मौत की पुष्टि हो गई है। अभी भी कुछ सैनिक घायल हैं और अस्पताल में अपना इलाज करवा रहे हैं।

धमाके की वजह का नहीं हुआ खुलासा

हथियारों के डिपो में धमाका किस वजह से हुआ, इसका खुलासा अभी भी नहीं हुआ है। वजह का पता लगाने के लिए मामले की जांच चल रही है, लेकिन जांच टीम को अभी तक कुछ पता नहीं चल पाया है।

नए नहीं है धमाकों के मामले

आय्याश कस्बा दीर एज़-ज़ोर शहर के पश्चिम में स्थित है। इस कस्बे में लंबे गृहयुद्ध और इस्मालिक स्टेट (ISIS) के खिलाफ संघर्ष के कारण सैन्य ठिकानों और हथियारों के डिपो में धमाकों के मामले नए नहीं हैं। हाल ही में दमिश्क के ग्रामीण इलाके दमैर और इदलिब प्रांत के सरमदा के पास भी इसी तरह के धमाके हुए थे। सरमदा धमाके में कई लोग मारे गए थे और कई लोग घायल हुए थे, जबकि दमैर धमाके में किसी की जान नहीं गई थी। गौरतलब है कि दीर एज़-ज़ोर प्रांत गृहयुद्ध के अवशेषों, जैसे लैंडमाइंस, बिना फटे शेल्स और अन्य विस्फोटक पदार्थों से सबसे ज़्यादा प्रभावित क्षेत्रों में से एक है। इस प्रांत में किसान, चरवाहे और बच्चे रोजमर्रा की गतिविधियों के दौरान इनसे घायल होते रहते हैं।