पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच युद्धविराम हो गया है। सैन्य झड़प में 100 से अधिक लोगों की मौत हुई। तालिबान की ओर से मुख्य वार्ताकार रक्षा मंत्री मुल्ला मुहम्मद याकूब थे।
कतर के विदेश मंत्रालय ने आज सुबह कहा कि पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच युद्धविराम समझौता हो गए हैं। तुर्की की मध्यस्थता में हो रही इस वार्ता का उद्देश्य तत्काल सीजफायर कराना था, ताकि दोनों देशों के और लोग मारे न जाएं। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक कतर ने कहा कि दोनों पक्ष आने वाले दिनों में और बैठकें करने पर सहमत हुए हैं, ताकि युद्धविराम स्थायी रहे और इसे सही तरीके से लागू किया जा सके। बता दें कि साल 2021 में तालिबान के सत्ता में लौटने के बाद से दोनों पड़ोसी देशों के बीच तनाव चरम पर है।
कतर में बातचीत के लिए अफगानिस्तान की सत्ता पर काबिज तालिबान के रक्षा मंत्री मुल्ला मुहम्मद याकूब और पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ पहुंचे थे।
पाकिस्तान ने कहा कि इस बातचीत का मुख्य लक्ष्य यह था कि अफगानिस्तान से पाकिस्तान में सीमा पार आतंकवाद को रोका जाए और पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा पर शांति और स्थिरता बहाल की जाए। दरअसल, पाकिस्तान का आरोप है कि अफगानिस्तान की सत्ता पर काबिज तालिबान के सह पर तहरीक ए तालिबान पाकिस्तान खैबर पख्तूनख्वाह सहित पाकिस्तान के अंदरूनी हिस्सों में हमले करता है।
तालिबान लगातार TTP के आतंकियों को पनाह देने से इनकार करता रहा है। साथ ही, पाकिस्तान पर गलत सूचना देने का आरोप लगाता है। तालिबान का आरोप है कि पाकिस्तान, अफगानिस्तान को अस्थिर करने के लिए इस्लामिक स्टेट से जुड़े समूहों का समर्थन करता है।