कोरोना महामारी से अभी राहत मिलनी शुरू ही हुई थी कि केकड़ों के आतंक ने क्यूबा के लोगों के लिए नई मुसीबत खड़ी कर दी है।
कोरोना महमारी के बाद क्यूबा देश इन दिनों केकड़ों के आतंक से परेशान है। केकड़ों ने क्यूबा के कई तटीय इलाकों में घुसना शुरू कर दिया है। जिस गति से ये केकड़े समुद्र से बाहर निकलर जमीन पर आ रहे हैं वप किसी फिल्मी दृश जैसा प्रतीत हो रहा है। जैसे सभी अपना कोई बदला लेने के लिए निकले हैं। लाल, पीले, नारंगी और काले रंग के केकड़ों के खड़ी से लेकर सड़कों, दीवारों, जंगलों और घरों पर जगह जगह कब्जा जमाना शुरू कर दिया है। क्यूबा में जो इलाका केकड़ों के आतंक से सबसे अधिक परेशान है वो बे ऑफ पिग्स है।
स्थानीय निवासियों के अनुसार, क्यूबा के बे ऑफ पिग्स की खाड़ी के आसपास प्रवासी केकड़े कई बड़े झुंड में शहर की तरफ बढ़ रहे हैं। दो साल की महामारी के बाद यहाँ सब सामान्य हो ही रहा था कि केकड़ों की समस्या ने उनके लिए नई मुसीबत खड़ी कर दी है। दो साल के लॉकडाउन के कारण केकड़ों को पूरी आजादी मिल गई। ये कहीं भी आने जाने लगे और प्रजनन करने लगे। नतीजा ये हुआ कि इस देश में इनकी आबादी बेतहाशा बढ़ गई है। बे ऑफ पिग्स इलाके में करोड़ों की संख्या में केकड़े घूम रहे हैं।
एक स्थानीय नागरिक 46 वर्षीय एंजेल इराओला के अनुसार, "पिछले दो वर्षों में ट्रैफ़िक और पर्यटन काफी कम रहे।"
क्यूबा के पर्यावरण मंत्रालय के साइंटिस्ट रीनाल्डो संटाना एग्विलर ने कहा कि 'वैज्ञानिक इस तथ्य का पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं ये केकड़े इतनी जल्दी कैसे बाहर निकलने लगे हैं। क्या इसके पीछे कोरोना के कारण इनकी बढ़ती आबादी है? ये समय इनके विस्थापित होने का नहीं है फिर ये क्यों बाहर निकल रहे हैं।'
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