Anthropic OpenAI New York Meeting: ओपनएआई और एंथ्रोपिक जैसी एआई कंपनियों के अधिकारियों ने धार्मिक नेताओं से मुलाकात कर एआई में नैतिकता और मानवीय मूल्यों को शामिल करने पर चर्चा की। भविष्य के एजीआई सिस्टम्स के लिए नैतिक ढांचा तैयार करने की कोशिश तेज हो गई है।
AI Ethics Religious Leaders: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) अब केवल तकनीकी क्षमता तक सीमित नहीं रहना चाहता, बल्कि उसे नैतिक मूल्यों के अनुरूप बनाने की कोशिशें भी तेज हो गई हैं। इसी दिशा में हाल ही में एआई कंपनियों एंथ्रोपिक और ओपनएआई के वरिष्ठ अधिकारियों ने न्यूयॉर्क में कई धार्मिक नेताओं से मुलाकात की।
इस बैठक का मुख्य उद्देश्य यह समझना था कि भविष्य के एआई सिस्टम्स में नैतिकता, मानवीय मूल्य और सही-गलत के संतुलन को कैसे शामिल किया जाए।
इस चर्चा में हिंदू टेंपल सोसाइटी ऑफ नॉर्थ अमेरिका, सिख कोएलिशन, बहाई इंटरनेशनल कम्युनिटी, ग्रीक ऑर्थोडॉक्स आर्चडायसी और चर्च ऑफ जीसस क्राइस्ट ऑफ लैटर-डे सेंट्स जैसे कई धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि भविष्य में जब एआई और ज्यादा शक्तिशाली होगा, तब उसके फैसलों में नैतिक संतुलन बनाए रखना बेहद जरूरी होगा।
गूगल और फेसबुक जैसी बड़ी कंपनियों के साथ काम कर चुकीं अधिकारी जोआना शील्ड्स ने कहा कि एआई कंपनियां तकनीक की ताकत और उसके प्रभाव को गंभीरता से समझ रही हैं।
उन्होंने बताया कि इस पहल का उद्देश्य एआई सिस्टम्स के लिए नैतिक सिद्धांतों और आचार मानकों का साझा ढांचा तैयार करना है। इसमें सिर्फ तकनीकी विशेषज्ञों की ही नहीं, बल्कि अलग-अलग धर्मों और समुदायों की राय को भी शामिल किया जा रहा है।
अब कई बड़ी एआई कंपनियां इंजीनियरों और वैज्ञानिकों के साथ दार्शनिकों और नैतिक विशेषज्ञों को भी नियुक्त कर रही हैं, ताकि एआई को मानवीय मूल्यों के अनुरूप बनाया जा सके।
इससे पहले एंथ्रोपिक ने सैन फ्रांसिस्को में कुछ ईसाई नेताओं के साथ अपने एआई चैटबॉट ‘क्लॉड’ के नैतिक व्यवहार पर चर्चा की थी। कंपनी ने ‘क्लॉड कॉन्स्टिट्यूशन’ नाम से एक विशेष ढांचा भी तैयार किया है, जिसमें जिम्मेदार और संतुलित निर्णय लेने के निर्देश शामिल हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि भविष्य में एआई यदि मानव जैसी सोच यानी एजीआई (आर्टिफिशियल जनरल इंटेलिजेंस) के स्तर तक पहुंचता है, तो उसमें नैतिकता और जिम्मेदारी का संतुलन बेहद महत्वपूर्ण हो जाएगा। उनके मुताबिक एआई खुद नैतिकता को नहीं समझता। उसे ऐसे डेटा और निर्देशों के आधार पर प्रशिक्षित करना पड़ता है, जो मानवीय मूल्यों और सामाजिक जिम्मेदारियों को दर्शाते हों।