
AI Art Recovery: इटली की सांस्कृतिक विरासत मानी जाने वाली कलाकृतियां, जो चोरी हो चुकी थी। उन्हें खोजने के लिए पुलिस ने 'स्वोएड्स' नाम के एक खास एआइ सिस्टम का इस्तेमाल शुरू किया। इटली के प्रसिद्ध चित्रकार फिलिप्पो पलिजी की पेंटिंग 'रिपोसो डेला पास्टोरेला' जो जून 1972 में फेल्ट्रे की एक गैलरी से चोरी हो गई थी। स्वोएड्स ने इसे एक ऑनलाइन नीलामी वेबसाइट पर पहचान लिया, जिसके बाद पुलिस ने इसे बरामद कर लिया। नवंबर 2023 में इस सिस्टम के आने के बाद से अब तक इटली पुलिस ने 300 से ज्यादा बड़ी पेंटिंग और मूर्तियां तथा 1,65,000 से अधिक छोटी वस्तुएं (जैसे सिक्के, पांडुलिपियां) बरामद की हैं। इनकी अनुमानित कीमत करीब 1,800 करोड़ रुपए से ज्यादा है।
इटली के पास 1969 से चोरी हुई कलाकृतियों का एक विशाल डेटाबेस है, जिसमें 10 लाख से अधिक रिकॉर्ड हैं। यह एआइ सॉफ्टवेयर नीलामी वेबसाइटों, ऑनलाइन कैटलॉग, सोशल मीडिया और यहां तक कि डार्क वेब को दिन-रात स्कैन करता रहता है। यह रंग के शेड्स, रूपरेखा और चित्रों के छुपे हुए 'विजुअल फिंगरप्रिंट' को पहचान लेता है।
अक्टूबर 2024 में पारमा में एक एंटीक्स मेले के दौरान पुलिस ने पेंटिंग्स की तस्वीरें स्वोएड्स में डालीं। सिस्टम ने 2004 में सुलमोना के एक चर्च से चोरी हुई संत एग्नेस की पेंटिंग को पहचान लिया। चोरों ने पहचान छिपाने के लिए पेंटिंग में बने मेमने पर स्क्रॉल बना दिया था और उसके पीछे का हेलो हटा दिया था, लेकिन एआइ ने असली पहचान पकड़ ली।
इटली की तर्ज पर दुनिया के कई अन्य देश, जांच एजेंसियां और शोधकर्ता भी चोरी हुई या तस्करी की गई ऐतिहासिक कलाकृतियों को रिकवर करने के लिए एआइ तकनीक का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल कर रहे हैं। हाल ही में तुर्की ने ऐसी ही तकनीक की मदद से ब्रिटेन पहुंचे 15वीं शताब्दी के ऐतिहासिक टाइल्स को ट्रैक कर वापस हासिल किया है।