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Iran-Pakistan: ईरान के साथ व्यापार करने पर बैन होगा पाकिस्तान! अमेरिका ने दी वॉर्निंग

Iran-Pakistan: हाल ही में ईरान के राष्ट्रपति ने पाकिस्तान की 3 दिवसीय यात्रा की थी। जिसमें ईरान के साथ पाकिस्तान ने कई मोर्चों पर समझौते हुए थे लेकिन शायद पाकिस्तान को ये व्यापार काफी भारी पड़ सकता है। क्योंकि अमेरिका (USA) ने ईरान से समझौतों को लेकर पाकिस्तान को गंभीर चेतावनी दी है।

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America warns Pakistan on doing business with Iran

Iran-Pakistan: 22 अप्रैल को इजरायल से तनाव के बीच ईरान के राष्ट्रपति इब्राहिम रायसी (Ibrahim Raisi) पाकिस्तान पहुंच गए थे। वो तीन दिन तक यानी 24 अप्रैल तक पाकिस्तान में थे। इस दौरान दोनों देशों के बीच कई मोर्चों पर सहयोग के लिए बातचीत भी हुई थी लेकिन अब ऐसा लगता है कि पाकिस्तान (Pakistan) को ईरान के साथ ये नजदीकी काफी भारी पड़ सकती है क्योंकि अमेरिका ने पाकिस्तान को ईरान (Iran) के साथ व्यापार संबंध स्थापित करने पर गंभीर चेतावनी दे दी है।

जो विनाश करेगा उसे बैन कर देंगे- अमेरिका

अमेरिका ने कहा है कि वो ईरान (Iran-Pakistan MoU) के साथ व्यापार सौदों पर विचार करते हुए प्रसार नेटवर्क को बाधित करने और कार्रवाई करना जारी रखेगा। इस मुद्दे पर अमेरिकी विदेश विभाग के प्रधान उप प्रवक्ता वेदांत पटेल ने कहा कि "हम प्रसार नेटवर्क और बड़े पैमाने पर विनाश के हथियारों की खरीद गतिविधियों को बाधित करना और उनके खिलाफ कार्रवाई करना जारी रखेंगे, जहां भी वे हो सकते हैं। मुझे बस इतना कहना है कि मोटे तौर पर, हम ईरान के साथ व्यापारिक सौदों पर विचार करने वाले किसी भी व्यक्ति को प्रतिबंधों के संभावित जोखिम के बारे में जागरूक रहने की सलाह देते हैं, लेकिन आखिर पाकिस्तान की सरकार अपनी विदेश नीति के बारे में बात कर सकती है।''

जिसने भी ईरान के साथ व्यापार किया वो प्रतिबंधों के लिए तैयार रहे- अमेरिका

ईरान के राष्ट्रपति इब्राहिम रायसी की पाकिस्तान यात्रा और दोनों देशों के बीच हुए एमओयू पर अमेरिका ने कहा कि जो कोई भी ईरान के साथ व्यापारिक समझौते पर हस्ताक्षर करने पर विचार करता है, उसे प्रतिबंधों के संभावित जोखिम के बारे में जागरूक रहना चाहिए। यानी अमेरिका ने सीधे तौर पर पाकिस्ता को बता दिया कि अगर ईरान के साथ उसने किसी भी तरह का व्यापार करने की कोशिश की तो उस पर प्रतिबंध लगाने से अमेरिका जरा भी नहीं हिचकिचाएगा।

अमेरिका क्यों लगाएगा प्रतिबंध

इन प्रतिबंधों  के पीछे की वजह पर पटेल ने जवाब दिया कि "प्रतिबंध इसलिए लगाए गए क्योंकि ये ऐसी संस्थाएं थीं जो सामूहिक विनाश के हथियारों के प्रसारक और उनके वितरण के साधन थीं। ये इकायां चीन और बेलारूस में स्थित थीं। ये बेलारूस में पीआरसी में स्थित संस्थाएं थीं और हमने देखा है कि उन्होंने पाकिस्तान के बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम के लिए उपकरण और अन्य वस्तुओं की आपूर्ति की थी।"

बता दें कि दो दिन पहले ही अमेरिका ने पाकिस्तान के बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम को तगड़ा झटका देते हुए उसे इस मिसाइल की तकनीक की आपूर्ति करने वाली चीन की 3 और बेलारूस की एक कंपनी पर बैन लगा दिया है। साथ ही इस कंपनी से जुड़े और इसके शेयरधारकों को भी अमेरिका में आने पर प्रतिबंध लगा दिया है।

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