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Iran Protest: ईरान में मौतों को लेकर चौंकाने वाला आंकड़ा आया सामने, 24 हजार गिरफ्तार

Iran Protests: ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने हिंसा के लिए अमेरिका और इज़रायल को जिम्मेदार ठहराते हुए स्वीकार किया कि “कई हजार लोगों की मौत” हुई है।

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भारत

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Ashib Khan

Jan 18, 2026

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ईरान में मौतों को लेकर आंकड़ा आया सामने (Photo-IANS)

Iran Protest: ईरान में राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शनों के दौरान अब तक कम से कम 5,000 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें करीब 500 सुरक्षाकर्मी भी शामिल हैं। यह दावा क्षेत्र में तैनात एक ईरानी अधिकारी ने रविवार को किया। अधिकारी ने कहा कि ये आंकड़े सत्यापित हैं और अंतिम मृतक संख्या में बड़ी बढ़ोतरी की संभावना नहीं है। यह जानकारी समाचार एजेंसी रॉयटर्स के हवाले से सामने आई है।

24,000 से अधिक लोगों को किया गिरफ्तार

अमेरिका स्थित ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज़ एजेंसी (HRANA) के मुताबिक अब तक 3,308 मौतों की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 4,382 मामलों की जांच जारी है। संगठन ने दावा किया कि 24,000 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया है। वहीं ईरानी अधिकारी ने इन आंकड़ों को बढ़ा-चढ़ाकर बताया गया बताते हुए कहा कि मृतकों की संख्या में कोई बड़ा इजाफा नहीं होगा।

ईरानी अधिकारी ने आरोप लगाया कि हिंसा के लिए आतंकी और सशस्त्र उपद्रवी जिम्मेदार हैं, जिन्होंने आम नागरिकों को निशाना बनाया। उन्होंने यह भी कहा कि इन तत्वों को विदेशों से समर्थन और हथियार मिले हैं। 

1979 की क्रांति के बाद सबसे घातक आंदोलन

बता दें कि ईरान में ये विरोध प्रदर्शन 28 दिसंबर को आर्थिक बदहाली के खिलाफ शुरू हुए थे, लेकिन अगले दो हफ्तों में यह आंदोलन धार्मिक शासन को खत्म करने की मांग में बदल गया। यह प्रदर्शन 1979 की इस्लामिक क्रांति के बाद का सबसे हिंसक जन आंदोलन माना जा रहा है।

इजरायल और अमेरिका को ठहराया जिम्मेदार

ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने हिंसा के लिए अमेरिका और इज़रायल को जिम्मेदार ठहराते हुए स्वीकार किया कि “कई हजार लोगों की मौत” हुई है। खामेनेई ने कहा था, “हम देश को युद्ध में नहीं झोंकेंगे, लेकिन घरेलू और अंतरराष्ट्रीय अपराधियों को बख्शा भी नहीं जाएगा।”

‘खुदा से जंग’ का आरोप

ईरान की न्यायपालिका के प्रवक्ता असघर जहांगीर ने बताया कि कई मामलों को ‘मोहारिब’ (खुदा के खिलाफ युद्ध छेड़ना) की श्रेणी में रखा गया है, जिसके तहत मृत्युदंड का प्रावधान है।