
ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई
Escalating Tensions: मध्य पूर्व में भड़के भीषण युद्ध के बीच इज़रायल ने ईरान को एक और ख़ौफ़नाक चेतावनी (Escalating Tensions ) दी है। अमेरिका और इज़रायल के संयुक्त हवाई हमले में मारे गए ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली ख़ामेनेई का अभी जनाज़ा भी नहीं उठा है, और इज़रायल ने ऐलान कर दिया है कि ईरान की सत्ता संभालने वाला अगला नेता भी उनका 'टारगेट' होगा। इज़रायल के रक्षा मंत्री ने साफ़ शब्दों में धमकी दी है कि ईरान का जो भी नया 'सुप्रीम लीडर' बनेगा, उसे भी बख़्शा नहीं जाएगा। इस सीधे और आक्रामक बयान ने पूरी दुनिया और ख़ासकर खाड़ी देशों में खलबली मचा दी है।
वाशिंगटन और तेल अवीव लंबे समय से ईरान के परमाणु कार्यक्रमों का कड़ा विरोध करते रहे हैं, और इसी रणनीति के तहत ख़ामेनेई को निशाना बनाया गया। ईरानी समाचार एजेंसियों के मुताबिक़, देश में तीन दिन का राजकीय शोक घोषित किया गया है। राजधानी तेहरान की विशाल इमाम ख़ुमैनी ग्रैंड मस्जिद में आम नागरिक अपने सर्वोच्च नेता के अंतिम दर्शन कर सकेंगे। इसके बाद, 86 वर्षीय ख़ामेनेई को उत्तर-पूर्वी ईरान में स्थित उनके पैतृक शहर मशहद में सुपुर्द-ए-ख़ाक किया जाएगा। एक तरफ़ पूरा देश शोक में डूबा है, तो दूसरी तरफ़ नए नेता के चुनाव की हलचल तेज़ हो गई है।
इस समय सत्ता के गलियारों में सबसे ज़्यादा चर्चा ख़ामेनेई के बेटे मुज्तबा को लेकर है, जिन्हें अगला सर्वोच्च नेता बनाए जाने की प्रबल संभावना जताई जा रही है। इन अटकलों के बीच, इज़रायल के रक्षा मंत्री इज़रायल काट्ज़ ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म 'एक्स' पर एक बेहद सख़्त पोस्ट किया। उन्होंने लिखा, "ईरानी आतंकी शासन द्वारा चुना गया कोई भी नया नेता, जो इज़रायल के विनाश की योजना को आगे बढ़ाएगा और स्वतंत्र दुनिया को धमकाएगा, वह हमारी हत्या की सूची का निश्चित लक्ष्य होगा। इससे कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता कि उसका नाम क्या है या वह किस बिल में छिपता है।"
इज़रायली रक्षा मंत्री ने अपनी सेना के इरादे बिल्कुल स्पष्ट करते हुए बताया कि उन्होंने और प्रधानमंत्री ने इज़रायली रक्षा बलों (IDF) को 'ऑपरेशन लायंस रोर' (Operation Lion's Roar) के तहत हर स्थिति से निपटने के निर्देश दे दिए हैं। काट्ज़ ने कहा कि इज़रायल अपने अमेरिकी सहयोगियों के साथ मिलकर ईरानी शासन की सैन्य क्षमताओं को पूरी तरह से कुचलने के लिए काम करता रहेगा। उनका मुख्य मक़सद ऐसे हालात पैदा करना है जिससे ईरान की जनता ख़ुद प्रेरित होकर इस मौजूदा सत्ता को उखाड़ फेंके।
इज़रायली मीडिया रिपोर्टों का दावा है कि ईरान की 'असेंबली ऑफ़ एक्सपर्ट्स' (वह शक्तिशाली धार्मिक संस्था जो सुप्रीम लीडर का चुनाव करती है) जल्द ही मुज्तबा ख़ामेनेई के नाम पर आधिकारिक मुहर लगा सकती है। हालांकि, ईरान के सरकारी मीडिया ने अभी इसकी पुष्टि नहीं की है। इससे पहले मंगलवार को इज़रायली सेना ने पवित्र शहर 'क़ोम' में इसी असेंबली के एक ठिकाने पर हवाई हमला किया था। इज़रायली सूत्रों का दावा था कि वहां नए नेता को चुनने के लिए गुप्त बैठक चल रही थी। वहीं, ईरान की समाचार एजेंसियों ने इसका कड़ा खंडन करते हुए कहा कि उस समय वहां कोई बैठक नहीं हो रही थी और मतदान सुरक्षित एवं रिमोट (डिजिटल) तरीक़ों से किया जा रहा है।
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Updated on:
04 Mar 2026 01:53 pm
Published on:
04 Mar 2026 01:52 pm
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