
मारिया कोरिना मचाडो ने ट्रंप को सौंपा नोबेल (photo-X)
वेनेजुएला की विपक्षी नेता मारिया कोरिना मचाडो द्वारा अपना नोबेल शांति पुरस्कार 2025 अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को सौंपने के कुछ ही दिनों बाद नोबेल फाउंडेशन ने इस पर सख्त स्पष्टीकरण किया है।
नोबेल फाउंडेशन ने रविवार को जारी बयान में स्पष्ट कहा कि नोबेल पुरस्कार न तो प्रतीकात्मक रूप से और न ही किसी अन्य रूप में किसी और को दिया जा सकता है। इसके अलावा, इसे साझा या स्थानांतरित भी नहीं किया जा सकता है।
बयान में कहा गया, “नोबेल पुरस्कारों की गरिमा और उनके प्रशासन की रक्षा करना नोबेल फाउंडेशन के मूल उद्देश्यों में से एक है।”
फाउंडेशन ने यह भी दोहराया कि वह अल्फ्रेड नोबेल की वसीयत और उसमें निर्धारित नियमों का पूरी तरह पालन करता है। वसीयत के अनुसार, नोबेल पुरस्कार केवल उन्हीं व्यक्तियों या संस्थाओं को दिया जाता है जिन्होंने मानवता को सबसे बड़ा लाभ पहुंचाया हो, और यह भी स्पष्ट किया गया है कि किस पुरस्कार को देने का अधिकार किस संस्था के पास होगा।
यह स्पष्टीकरण उस घटना के बाद आया है जब 15 दिसंबर को मचाडो ने व्हाइट हाउस में ट्रंप से मुलाकात की और उन्हें अपना नोबेल पुरस्कार सौंपते हुए कहा कि यह कदम वेनेजुएला की आज़ादी के लिए ट्रंप की “विशेष प्रतिबद्धता” के सम्मान में उठाया गया है।
डोनाल्ड ट्रंप ने भी अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट कर इस बात की पुष्टि की कि उन्होंने यह पुरस्कार “स्वीकार” किया है।
अपने पोस्ट में ट्रंप ने लिखा, “आज वेनेजुएला की मारिया कोरिना मचाडो से मिलना मेरे लिए बड़े सम्मान की बात थी। वह एक अद्भुत महिला हैं। उन्होंने मुझे मेरे कार्यों के लिए अपना नोबेल शांति पुरस्कार भेंट किया। यह आपसी सम्मान का एक सुंदर संकेत है।”
बता दें कि मचाडो की अमेरिका की यात्रा ऐसे समय में हुई है जब रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति ने निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के बाद डेल्सी रोड्रिगेज को वेनेजुएला की अंतरिम राष्ट्रपति बनाए जाने का समर्थन किया था।
Published on:
18 Jan 2026 09:40 pm
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