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अनमोल बिश्नोई ने बताया पाकिस्तान से खतरा, पहली बार NIA हेडक्वार्टर में बैठी अदालत

Anmol Bishnoi NIA Court: पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी से जान का खतरा बता कर अनमोल बिश्नोई ने सुरक्षा मांगी। जज ने पहली बार NIA मुख्यालय में ही अदालत लगाई।

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Nov 29, 2025
लॉरेंस बिश्नोई का भाई अनमोल बिश्नोई (फोटो-पत्रिका)

Anmol Bishnoi NIA Court: अमेरिका से प्रत्यर्पित होकर भारत लौटे लॉरेंस बिश्नोई के छोटे भाई और अंतरराष्ट्रीय गैंगस्टर अनमोल बिश्नोई (Anmol Bishnoi NIA Court) पाकिस्तान से जान से मारने की धमकी मिलने के बाद उसने एनआईए की हिरासत में रहते हुए अदालत से सुरक्षा की गुहार लगाई। नतीजा यह हुआ कि इतिहास में पहली बार किसी जज ने एनआईए हेडक्वार्टर में ही अदालत लगा कर केस की सुनवाई की। अनमोल की 11 दिन की रिमांड खत्म होने से ठीक पहले उसने पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी (Shahzad Bhatti) की धमकियों का जिक्र किया। जज ने 7 दिन की अतिरिक्त हिरासत तो दी ही, साथ ही भारी सुरक्षा के बीच यह ऐतिहासिक कदम भी उठाया।

पाकिस्तानी गैंगस्टर की धमकी ने जगाई आशंका

अनमोल ने अपनी याचिका में साफ कहा कि पाकिस्तान में छिपा शहजाद भट्टी उसे और उसके वकील को मारने की धमकी दे रहा है। भट्टी ने हाल ही में सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट किया, जिसमें लॉरेंस से कहा गया कि अगर भाई और चाचा को बचा सकते हो तो बचा लो। अनमोल ने याद दिलाया कि मार्च 2025 में जालंधर में यूट्यूबर रोजर संधू के घर पर ग्रेनेड फेंका गया था – ठीक वैसी ही धमकी के बाद। “ये धमकियां सिर्फ बातें नहीं, असल में हिंसा में बदल जाती हैं। अनमोल के वकील ने तर्क दिया, सीमा पार गैंग्स के प्रॉक्सी भारत में हमला करवा सकते हैं । जज प्रशांत शर्मा ने एनआईए एक्ट की धारा 12 के तहत हेडक्वार्टर में ही सुनवाई की, ताकि अनमोल की जान को खतरा न हो।

अमेरिका से प्रत्यर्पण के बाद एनआईए की कार्रवाई

गौरतलब है कि अनमोल 2022 से फरार था, वह फर्जी पासपोर्ट पर अमेरिका भाग गया था। जनवरी 2025 में उसे प्रोक्लेम्ड ऑफेंडर घोषित किया गया। वहीं 18 नवंबर 2025 को अमेरिकी कोर्ट ने उसे शरण देने की अर्जी खारिज कर दी, और 19 नवंबर को दिल्ली एयरपोर्ट पर एनआईए ने गिरफ्तार कर लिया। एनआईए ने शुरुआती 11 दिन की रिमांड के दौरान उससे पूछताछ की – अनमोल पर बाबा सिद्दीकी हत्याकांड, सिद्धू मूसेवाला कांड और सलमान खान के घर पर फायरिंग जैसे 40 से ज्यादा केस हैं। एजेंसी का आरोप है कि अनमोल बब्बर खालसा इंटरनेशनल (BKI) से जुड़ा हुआ है और यूरोप में गैंग नेटवर्क चला रहा है। यही नहीं, पाकिस्तान से हथियार सप्लाई का भी खुलासा हुआ।

अदालत ने मानी सुरक्षा की मांग, लेकिन हिरासत अवधि बढ़ाई

इस केस की शनिवार को एनआईए मुख्यालय के सुरक्षित हिस्से में सुनवाई हुई। अनमोल के वकील रजनी ने कोर्ट से कहा कि एनआईए को सख्ती से निर्देश दें – बुलेटप्रूफ जैकेट, बुलेटप्रूफ गाड़ी और भारी पुलिस घेरा हो। जज ने इसे मान लिया, लेकिन एनआईए की 10 दिन की रिमांड मांग को 7 दिन तक सीमित कर दिया। अब अनमोल 5 दिसंबर तक हिरासत में रहेगा। एनआईए के वकील राहुल त्यागी ने कहा, “अनमोल ने यूरोप के नेटवर्क और पाकिस्तानी हथियारों के बारे में खुलासे किए हैं। जांच जारी रखना जरूरी है।” अनमोल के वकील ने विरोध किया, लेकिन कोर्ट ने डीके बसु केस के नियमों का पालन सुनिश्चित किया।

अनमोल का आपराधिक साम्राज्य: सिद्धू से सिद्दीकी तक

अनमोल लॉरेंस का करीबी है, जो जेल से ही गैंग चला रहा है। एनआईए के मुताबिक, सन 2020-2023 के बीच अनमोल ने गोल्डी बरार के साथ मिल कर कई आतंकी वारदातें कीं। वह सिद्धू मूसेवाला की हत्या में मुख्य आरोपी है। बाबा सिद्दीकी कांड के शूटर जीशान अख्तर ने वीडियो में भारत भागने में मदद करने के लिए अनमोल को धन्यवाद दिया था। ध्यान रहे कि अनमोल पर 40 केस हैं – हत्या, फायरिंग और ग्रेनेड अटैक। मार्च 2023 में एनआईए ने चार्जशीट दाखिल की। ये गिरोह BKI से जुड़ कर खालिस्तानी ताकतों को सपोर्ट करता है। अनमोल की गिरफ्तारी से गैंग का बड़ा नेटवर्क उजागर होने की संभावना है।

पहली बार NIA HQ में कोर्ट: सुरक्षा या रणनीति ?

यह पहला मौका है जब जज ने एनआईए दफ्तर में ही अदालत लगाई। विशेषज्ञ कहते हैं, यह धारा 12 का सही इस्तेमाल है, लेकिन गैंगस्टरों के लिए यह नई मिसाल बनेगा। अनमोल को मिली धमकी वाली याचिका ने साबित किया कि सोशल मीडिया पर धमकियां अब हकीकत बन रही हैं। एनआईए को अब पाक-कनाडा-अमेरिका के लिंक्स खंगालने हैं। क्या हिरासत से और राज खुलेंगे ?

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