
गैंगस्टर अनमोल बिश्नोई (Photo-IANS)
अमेरिका से भारत लाए गए गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के भाई अनमोल बिश्नोई पर जांच एजेंसियों ने शिकंजा कस लिया है। दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने बुधवार को अनमोल बिश्नोई को 11 दिनों के लिए एनआईए की कस्टडी में भेज दिया है। इससे पहले केंद्रीय जांच एजेंसी ने कोर्ट से 15 दिन की कस्टडी मांगी थी। कोर्ट के इस आदेश से एनआईए को गैंगस्टर नेटवर्क, फंडिंग चेन और विदेश से होने वाली आपराधिक गतिविधियों की बारीकी से जांच करने का पर्याप्त समय मिलेगा। माना जा रहा है कि इस दौरान अनमोल बिश्नोई कई खुलासे कर सकता है।
बता दें कि एनआईए ने एक दिन पहले मंगलवार को अनमोल बिश्नोई को अमेरिका से प्रत्यर्पण कर भारत पहुँचते ही गिरफ्तार कर लिया था। 2022 से फरार चल रहे अनमोल पर एनआईए ने ‘मोस्ट वांटेड’ लिस्ट में 10 लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। वह लॉरेंस के टेरर सिंडिकेट से जुड़ा 19वाँ आरोपी है। एनआईए के प्रवक्ता ने बताया कि अनमोल को लुइसियाना से दिल्ली एयरपोर्ट पर उतरते ही हिरासत में लिया गया।
अमेरिकी होमलैंड सिक्योरिटी डिपार्टमेंट ने मंगलवार को बाबा सिद्दीकी हत्याकांड के शिकायतकर्ता जीशान सिद्दीकी को ईमेल भेजकर डिपोर्टेशन की पुष्टि की थी। ईमेल में लिखा था, “अनमोल बिश्नोई को अमेरिकी सरकार द्वारा देश से बाहर किया गया है। यह कार्रवाई 18 नवंबर 2025 को हुई।”
बता दें कि अनमोल को नवंबर 2024 में कैलिफोर्निया के सैक्रामेंटो में अवैध प्रवेश के आरोप में गिरफ्तार किया गया था, जहाँ एफबीआई ने डीएनए और वॉयस सैंपल से उसकी पहचान की। उसके बाद लंबी डिपोर्टेशन प्रक्रिया चली। मार्च 2023 में एनआईए ने लॉरेंस बिश्नोई के नेतृत्व वाले टेरर-गैंगस्टर साजिश मामले में अनमोल के खिलाफ 1200 पेज की चार्जशीट दाखिल की थी।
जांच में पता चला कि 2020 से 2023 के बीच अनमोल ने गोल्डी बराड़ और लॉरेंस के इशारों पर भारत में कई आतंकी गतिविधियाँ अंजाम दीं। वह अमेरिका से ही गैंग को निर्देश देता था, शूटर्स को शरण, हथियार और लॉजिस्टिक सप्लाई मुहैया कराता था। पंजाब के फाजिल्का जिले का रहने वाला अनमोल नेपाल, दुबई और केन्या के रास्ते अप्रैल 2022 में फर्जी पासपोर्ट पर अमेरिका भागा था। बता दें कि अनमोल के खिलाफ कई राज्यों में जबरन वसूली, हत्या और हथियार तस्करी के केस दर्ज हैं।
Updated on:
19 Nov 2025 08:57 pm
Published on:
19 Nov 2025 08:57 pm
