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SIR का खौफ! राजस्थान के बाद अब बंगाल में BLO ने किया सुसाइड, जानें अब तक कितने लोगों ने दी जान

पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दबाव में एक और बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) ने अपनी जान दे दी। बंगाल के अलावा केरल और राजस्थान में भी दो-दो BLO ने आत्महत्या की है।

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SIR

SIR ने ली कई BLO की जान (फोटो IANS)

पश्चिम बंगाल सहित देश के नौ राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का काम चल रहा है। SIR को लेकर कई राज्यों में दहशत और खौफ का माहौल बना हुआ है। इसकी प्रक्रिया से जुड़े बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) की कई राज्यों से आत्महत्या करने की घटनाएं सामने आ रही हैं। पश्चिम बंगाल में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया को लेकर जारी विवाद के बीच एक और बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) ने अपनी जान दे दी है।

बंगाल में एक और BLO ने की आत्महत्या

पश्चिम बंगाल में SIR के दबाव में एक और बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) ने अपनी जान दे दी। जलपाईगुड़ी जिले के मालबाजार क्षेत्र में बुधवार को ICDS कार्यकर्ता शांति मणि (उम्र करीब 45 वर्ष) ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। वह बूथ नंबर 20/101 पर तैनात थीं।

काम का भारी दबाव बना मौत का कारण

परिवार का कहना है कि शांति मणि चाय बागान बहुल इलाके में काम करती थीं, जहां अधिकांश लोग हिंदी भाषी हैं। बंगाली भाषा पर उनकी पकड़ कमजोर थी, जिसके कारण मतदाताओं से बातचीत में उन्हें लगातार परेशानी होती थी। लोग सवालों से घेर लेते थे और वह जवाब नहीं दे पाती थीं।

इस्तीफा देने की कोशिश

शांति मणि के पति ने बताया, 'वह सुबह से दोपहर तक फील्ड में घर-घर जाकर सर्वे और शाम को डाटा एंट्री व दस्तावेज जांच का काम करती थी। वह रोज रोते हुए कहती थीं कि भाषा नहीं आती, लोग गुस्सा करते हैं, और मैं जवाब नहीं दे पाती। मानसिक रूप से पूरी तरह टूट चुकी थीं।' परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि शांति मणि ने ब्लॉक कार्यालय में BLO पद से इस्तीफा देने की कोशिश की थी, लेकिन संयुक्त बीडीओ ने इस्तीफा स्वीकार नहीं किया और काम जारी रखने को कहा।

ममता बनर्जी ने जताया दुख, बताया 28 मौतों का आंकड़ा

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने घटना पर दुख जताते हुए अपने एक्स हैंडल पर लिखा, 'मालबाजार में SIR के काम के दौरान एक BLO की आत्महत्या से मैं स्तब्ध हूं। SIR शुरू होने के बाद से अब तक 28 लोगों की मौत हो चुकी है।' तृणमूल कांग्रेस ने SIR को लेकर केंद्र सरकार पर हमला बोला है और इसे ‘लोकतंत्र पर हमला’ करार दिया है। पार्टी ने चुनाव आयोग के इस कदम का खुलकर विरोध शुरू कर दिया है।

बंगाल में लगातार बढ़ रहा मौतों का सिलसिला

पिछले हफ्ते ही पूर्व बर्धमान जिले में BLO नमिता हांसदा (50) की ब्रेन स्ट्रोक से मौत हो गई थी। परिवार का दावा है कि वह भी SIR के भारी कार्यभार के दबाव में थीं। इसके अलावा राज्य के अलग-अलग हिस्सों से SIR के डर से आम नागरिकों के भी आत्महत्या करने की खबरें आ रही हैं।

केरल और राजस्थान में भी हालात गंभीर

पश्चिम बंगाल के अलावा केरल और राजस्थान में भी दो-दो BLO ने SIR के दबाव में आत्महत्या की है। तमिलनाडु के थंजावूर जिले में एक वरिष्ठ आंगनवाड़ी कार्यकर्ता ने काम के अत्यधिक तनाव के कारण जहर खाकर आत्महत्या करने की कोशिश की, हालांकि उन्हें बचा लिया गया। आंकड़ों के मुताबिक, SIR शुरू होने के बाद से देशभर में कम से कम 9 मौतें हो चुकी हैं, जिनमें 6 आत्महत्याएं शामिल हैं। कई मामलों में वोटर लिस्ट से नाम कटने के डर को भी वजह बताया जा रहा है।

शिक्षक और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं पर दोहरे बोझ का आरोप

अधिकांश BLO स्कूल शिक्षक या आंगनवाड़ी-आशा कार्यकर्ता हैं, जिन पर पहले से ही अपना मूल काम होता है। SIR के लिए घर-घर सर्वे, दस्तावेज़ जांच और डाटा एंट्री का अतिरिक्त बोझ उनके लिए जानलेवा साबित हो रहा है।