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नेपाल सीमा पर फर्जी आधार कार्ड रैकेट का पर्दाफाश, नए गिरोह की छापेमारी में खुली पोल

Nepal Custom Duty: बिहार के अररिया में फर्जी आधार कार्ड रैकेट का भंडाफोड़, दो मुख्य आरोपी गिरफ्तार और हाई-टेक उपकरण बरामद किए हैं।
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May 22, 2026
Nepal Border Fake Aadhaar
नेपाल सीमा पर फर्जी आधार कार्ड रैकेट का पर्दाफाश

India Nepal Border: नेपाल सीमा से सटे बिहार के इलाकों में एक बार फिर फर्जी आधार कार्ड रैकेट सामने आया है। सवाल सिर्फ यह नहीं कि नकली आधार कार्ड कौन बना रहा है, बल्कि बड़ा सवाल यह है कि ये कार्ड कौन बनवा रहा है और क्यों? खुली भारत-नेपाल सीमा की वजह से नेपाल के कई नागरिक काम, कारोबार और अन्य जरूरतों के लिए भारत आते हैं। इनमें अधिकांश लोग कानूनी तरीके से रहते हैं, लेकिन कुछ लोग फर्जी पहचान बनाकर बैंक खाते, सिम कार्ड, नौकरी या सरकारी सुविधाओं का लाभ उठाने की कोशिश करते हैं। बिहार में हाल ही में पकड़ा गया यह रैकेट इसी पूरे नेटवर्क की परतें खोल रहा है।

अररिया में फर्जी आधार रैकेट का पर्दाफाश

बिहार के अररिया जिले में कुर्साकांटा थाना पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर फर्जी आधार कार्ड बनाने वाले रैकेट का भंडाफोड़ किया। पुलिस ने घर में चल रहे अवैध फर्जी आधार निर्माण केंद्र का पता लगाया और दो मुख्य ऑपरेटरों को गिरफ्तार किया।

कई चीजें बरामद

पुलिस के अनुसार, रैकेट बिना सरकारी अनुमति के बाईपास सिस्टम का इस्तेमाल कर फर्जी आधार कार्ड बना रहा था। छापेमारी के दौरान आरोपी खिड़की से भागने की कोशिश करने लगे, लेकिन पुलिस ने उन्हें घेराबंदी कर पकड़ लिया। मौके पर पुलिस ने लैपटॉप, हाई-टेक आई स्कैनर, प्रिंटर और कई संदिग्ध दस्तावेज बरामद किए।

सीमा पार कनेक्शन का शक

डीएसपी सुशील कुमार और स्पेशल ब्रांच की टीम ने घंटों पूछताछ की। जांच में पता चला कि रैकेट का काम और नेटवर्क काफी बड़ा और संगठित है। अधिकारियों को शक है कि इसके तार सीमा पार संपर्कों से भी जुड़े हो सकते हैं।

नेपाल बॉर्डर पर क्यों बन रहे फर्जी आधार कार्ड?

भारत और नेपाल के बीच खुली सीमा होने की वजह से लोगों का आना-जाना आसान है। नेपाल के कई लोग भारत में काम, पढ़ाई, छोटे कारोबार या लंबे समय तक रहने के लिए आते हैं। ऐसे में पहचान पत्र की जरूरत होती है। कुछ लोग कानूनी प्रक्रिया अपनाते हैं, लेकिन कुछ लोग जल्दी लाभ या अपनी असली पहचान छिपाने के लिए फर्जी आधार कार्ड बनवाते हैं।

फर्जी आधार कार्ड का इस्तेमाल

बैंक अकाउंट खोलना।
मोबाइल सिम कार्ड लेना।
किराये पर मकान लेना।
नौकरी हासिल करना।
सरकारी और निजी सुविधाओं तक पहुंच।

कुछ मामलों में अपराधी और तस्करी नेटवर्क भी फर्जी पहचान पत्रों का इस्तेमाल करते हैं। यही वजह है कि नेपाल बॉर्डर के पास फर्जी आधार कार्ड रैकेट को राष्ट्रीय सुरक्षा से जोड़कर देखा जाता है।

सुरक्षा एजेंसियों की सख्ती

समय-समय पर सुरक्षा एजेंसियां ऐसे रैकेट की जांच करती रहती हैं। हालांकि, ध्यान देने वाली बात यह है कि ज्यादातर नेपाली नागरिक कानूनी तरीके से भारत में काम और जीवन यापन करते हैं। अपराध करने वाले लोग कुल संख्या का बहुत छोटा हिस्सा हैं।

Updated on:
23 May 2026 02:01 pm
Published on:
22 May 2026 01:33 pm