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इस्लामाबाद वार्ता में नया मोड़, बातचीत से पहले ईरान ने खोला बड़ा पत्ता! अब क्या करेगा अमेरिका?

पाकिस्तान के इस्लामाबाद स्थित सेरेना होटल में अमेरिका-ईरान वार्ता चल रही है। इस बीच ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माईल बगाई ने कहा कि लेबनान में सीजफायर भी अमेरिका के साथ होने वाले किसी भी समझौते का हिस्सा होगा।
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Apr 11, 2026
US Iran Peace Talks
प्रस्तुति के लिए इस्तेमाल की गई तस्वीर। (फोटो- AI)

US-Iran Islamabad Talks: पाकिस्तान में इस्लामाबाद के सेरेना होटल में अमेरिका और ईरान की टीमें बातचीत के लिए जुटी हैं। इस बीच, तेहरान से एक ऐसा बयान आया जिसने पूरी चर्चा का रुख बदल गया है।

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माईल बगाई ने कहा कि लेबनान में सीजफायर भी अमेरिका के साथ हुए समझौते का हिस्सा है। और इस बयान की पुष्टि पाकिस्तान की तरफ से भी की गई।

यह सिर्फ एक बयान नहीं था। यह ईरान का वो दांव था जो बता रहा था कि तेहरान सिर्फ अपनी जमीन की लड़ाई नहीं लड़ रहा, वो लेबनान और हिज्बुल्लाह को भी इस पूरे खेल का हिस्सा बना रहा है।

हिज्बुल्लाह से सीधे संपर्क में ईरानी दल

ईरानी राज्य मीडिया प्रेस टीवी ने यह भी बताया कि इस्लामाबाद में बैठा ईरानी प्रतिनिधिमंडल हिज्बुल्लाह के साथ लगातार संपर्क में है।

जरूरी फैसले लेने के लिए यह बातचीत चल रही है। इसका मतलब साफ है। ईरान अकेले नहीं बोल रहा। वो लेबनान में मौजूद अपने सबसे बड़े सहयोगी को भी इस वार्ता की हर हलचल से जोड़े हुए है।

एक दिन पहले ही अराघची ने दे दी थी चेतावनी

ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने शुक्रवार को लेबनान में ईरान के राजदूत से फोन पर बात की थी। उस बातचीत में उन्होंने साफ कहा कि अमेरिका को दो हफ्ते के सीजफायर की शर्तें पूरी करनी होंगी और लेबनान उस समझौते का अभिन्न हिस्सा है। यानी ईरान पहले से यह रेखा खींच रहा था। इस्लामाबाद में यह बात और मजबूती से सामने आई।

सेरेना होटल में कौन-कौन?

अमेरिकी दल में उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर हैं। ईरानी दल का नेतृत्व संसद स्पीकर मोहम्मद बाकर कालीबाफ कर रहे हैं।

पाकिस्तान की तरफ से गृह मंत्री मोहसिन नकवी और विदेश मंत्री व उपप्रधानमंत्री इशाक डार मौजूद हैं। वेंस ने बातचीत से पहले प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से भी मुलाकात की जिसकी पुष्टि व्हाइट हाउस ने की।

लेबनान पर फंस सकती है बात

लेबनान को समझौते में शामिल करने की ईरान की मांग पूरे खेल को पेचीदा बना देती है। इजराइल लेबनान में हिज्बुल्लाह पर हमले जारी रखना चाहता है। अमेरिका कहता है कि लेबनान और ईरान अलग-अलग मामले हैं। लेकिन ईरान दोनों को एक ही धागे में पिरोकर देख रहा है।

15 दिन की बातचीत की खिड़की है। 48 घंटे सबसे अहम हैं। और अब लेबनान का मुद्दा भी मेज पर आ गया है। इस्लामाबाद में जो होगा वो सिर्फ ईरान और अमेरिका के बीच की बात नहीं रहेगी।

Updated on:
11 Apr 2026 07:05 pm
Published on:
11 Apr 2026 07:05 pm