
China technology security travel restrictions: चीन में आज से नया कानून लागू हो गया है। नए कानून के तहत चीन ने अपने नागरिकों के विदेश जाने पर नई पाबंदियां लगा दी हैं। अब जो लोग देश की टेक्नोलॉजी या औद्योगिक सुरक्षा के लिए खतरा माने जाएंगे, उन्हें देश छोड़ने की इजाजत नहीं मिलेगी।
यह कदम उन लोगों के लिए खास तौर पर चिंता का विषय है जो टेक्नोलॉजी से जुड़े काम करते हैं। इस कानून के लागू होने के बाद ताइवान में बेचैनी बढ़ गई है। ताइवान ने अपने नागरिकों को खास चेतावनी दी है।
ताइवान की मुख्य भूमि मामलों की परिषद के उप प्रमुख शेन यू-चुंग ने कहा कि ये नियम पहले से चल रही सीमा नियंत्रण प्रथाओं को कानूनी जामा पहना रहे हैं। खासकर ‘एक्सपोर्ट कंट्रोल’ और ‘टेक्नोलॉजी इंपोर्ट-एक्सपोर्ट’ जैसे शब्दों को लेकर वे चिंतित हैं।
बता दें कि ताइवान के कई लोग चीन में टेक्नोलॉजी सेक्टर में काम करते हैं। उनके लिए अब बाहर निकलना आसान नहीं रहेगा। चीन का कहना है कि ये नियम ताइवानी लोगों को बेहतर कानूनी सुरक्षा देंगे, लेकिन ताइवान इस दावे को स्वीकार नहीं कर रहा।
नए नियमों के मुताबिक, अगर कोई नागरिक विदेश में रहकर ऐसा काम करता है जो चीन की सुरक्षा या हितों को नुकसान पहुंचाता है, तो उसे वापस आने के बाद छह महीने से तीन साल तक देश छोड़ने से रोका जा सकता है।
विदेशी नागरिकों को भी वीजा आवेदन में गलत जानकारी देने पर एक से पांच साल तक प्रवेश पर रोक लगाई जा सकती है। पहले भी वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों और राज्य से जुड़ी कंपनियों के अधिकारियों पर निजी यात्राओं की पाबंदी थी। अब दायरा और बढ़ गया है।
2023 में भी रिपोर्ट्स आई थीं कि सरकारी कर्मचारियों और राज्य से जुड़ी कंपनियों के कर्मचारियों पर विदेश यात्रा की सख्ती बढ़ाई जा रही है। विदेशी प्रभाव से बचने के नाम पर यह अभियान चल रहा था।
कई विदेशी सरकारों ने शिकायत की थी कि उनके नागरिकों को सुरक्षा जांच के नाम पर चीन छोड़ने की अनुमति नहीं मिल रही। हाल ही में अमेरिका के एक नागरिक मिन जिन को भी राष्ट्रीय सुरक्षा के आरोप में हिरासत में लिया गया था।
चीन में आम नागरिक अब भी विदेश जा सकते हैं, लेकिन सुरक्षा जोखिम वाले लोगों पर नजर पहले से कड़ी थी। कोल्ड वॉर के समय की तरह पूरी पाबंदी नहीं है, लेकिन नई व्यवस्था ने अधिकारियों को ज्यादा अधिकार दे दिए हैं।
जो लोग टेक्नोलॉजी एक्सपोर्ट नियमों का उल्लंघन करते हैं या औद्योगिक सुरक्षा को खतरा पहुंचाते हैं, उन पर कार्रवाई अब आसान हो गई है। ये नियम जुलाई में घोषित हुए थे और अब लागू हो गए हैं।