
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप। (फोटो सोर्स- ANI)
अमेरिका ने सोमवार को रूस के सबसे बड़े बैंकों में से एक वीटीबी बैंक पर नई पाबंदियां लगा दीं। ट्रंप प्रशासन का आरोप है कि यह बैंक ईरान को अमेरिकी प्रतिबंधों से बचने में मदद कर रहा था और अरबों डॉलर के लेन-देन में शामिल था।
अमेरिकी वित्त विभाग ने साफ कहा है कि दुनिया भर के बैंकों को वीटीबी के साथ कोई भी कारोबार तुरंत बंद कर देना चाहिए। जो कोई भी इस रूसी बैंक से जुड़ा रहेगा, उसे अमेरिकी वित्तीय व्यवस्था से बाहर कर दिया जा सकता है।
अमेरिकी स्टेट डिपार्टमेंट के अनुसार वीटीबी ने ईरान में अपनी शाखाएं खोलीं। उसने प्रतिबंधित ईरानी बैंकों के साथ सीधा संपर्क बनाया। अरबों डॉलर की ईरानी रकम को एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने में मदद की।
पहले से ही 2022 में यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद अमेरिका ने वीटीबी पर पूरी तरह से पाबंदी लगा दी थी। अब नई कार्रवाई उसके ईरान से जुड़े कामों पर फोकस करती है।
यह पाबंदी उस समय आई है जब पश्चिम एशिया में तनाव बहुत ज्यादा है। फरवरी के अंत में अमेरिका और इजराइल की संयुक्त कार्रवाई के बाद ईरान ने हॉर्मुज स्ट्रेट से जहाजों की आवाजाही पर रोक लगा दी थी।
यह रास्ता दुनिया की तेल सप्लाई के लिए बहुत जरूरी है। अमेरिका ईरान पर आर्थिक दबाव बढ़ाने में लगा हुआ है। वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने इसे आर्थिक स्तर पर बड़ा अभियान बताया है। अब तुर्की के गोल्डन ग्लोबल बैंक जैसे अन्य संस्थानों पर भी नजर रखी जा रही है।
अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि वे ईरान के आतंकवाद और क्षेत्र को अस्थिर करने वाले कामों के पैसे का स्रोत बंद करना चाहते हैं। स्टेट डिपार्टमेंट ने कहा कि कोई भी देश या बैंक अगर ईरान को प्रतिबंधों से बचाने की कोशिश करेगा तो उसे भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।
उन्होंने कहा- अमेरिका कूटनीति और आर्थिक दबाव दोनों से ईरान को अलग-थलग करने की कोशिश जारी रखेगा और दूसरे देशों से भी सहयोग मांगेगा।यह कदम रूसी बैंकों पर पहले से चल रहे प्रतिबंधों को और सख्त बनाता है।
वीटीबी को 2022 में ही अमेरिका ने सबसे बड़े वित्तीय संस्थानों में से एक बताते हुए पूरी तरह ब्लॉक कर दिया था। अब ईरान कनेक्शन को लेकर नई पाबंदियां लगाई गई हैं ताकि कोई भी रास्ता खुला न रहे।
Updated on:
15 Sept 2026 07:25 am
Published on:
15 Sept 2026 07:25 am
